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 मां ने 45 दिन के बेटे को ₹1.30 लाख में बेचा, अपहरण की रची झूठी कहानी; डॉक्टर दंपती समेत 5 गिरफ्तार

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बैंक खाते में आए ₹1.30 लाख ने खोला राज; पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद किया; SP और CO आंचल चौहान ने दी आधिकारिक जानकारी; आरोपियों पर मानव तस्करी সহ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में मां की ममता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सोरों थाना क्षेत्र के बनूपुर पुख्ता गांव की रहने वाली क्रांति ने अपने 45 दिन के नवजात बेटे को ₹1.30 लाख में बेच दिया और परिवार को झूठी कहानी सुनाई कि बच्चा बस स्टैंड से अपहरण हो गया। पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे के साथ बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है और मां समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

झूठी कहानी और खुलासा

पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को क्रांति अपने 45 दिन के बेटे को “दवा दिलाने” के बहाने कासगंज लेकर आई थी। दोपहर करीब 3 बजे कासगंज रोडवेज बस स्टैंड पर उसने बच्चे को एक “अज्ञात महिला” के पास छोड़ने की कहानी बनाई और बाद में 1076 पर फोन कर बच्चे के लापता होने की सूचना दी।

बच्चे के पिता अरविंद, जो फरीदाबाद की एक कंपनी में काम करते हैं, 17 अक्टूबर को कासगंज पहुंचे और पुलिस को शिकायत दी। जांच के दौरान क्रांति के बयानों पर संदेह हुआ। जब पुलिस ने उसके बैंक खाते की जांच की, तो ₹1.30 लाख जमा होने का पता चला। इसके बाद उसने बच्चे को बेचने की बात कबूल कर ली।

सौदे का पूरा गणित

क्षेत्राधिकारी (CO) आंचल चौहान के अनुसार, क्रांति ने सोरों क्षेत्र के सलेमपुर उर्फ नगला भूतल निवासी डॉ. अरुण कुमार और उनकी पत्नी पिंकी के साथ मिलकर बच्चे को हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के बारासरी निवासी महीपाल और उसकी पत्नी संतोषी को बेचा था।

सौदे में ₹2 लाख में बच्चा बिका, जिसमें से ₹1.20 लाख क्रांति के बैंक खाते में ऑनलाइन भेजे गए और ₹10,000 नकद दिए गए। बाकी ₹70,000 डॉक्टर दंपती ने अपने पास रख लिए। पुलिस ने क्रांति के खाते से ₹1.20 लाख फ्रीज किए हैं, उससे ₹20,000 नकद और डॉक्टर दंपती से ₹60,000 बरामद किए हैं।

आधिकारिक बयान और गिरफ्तारियां

कासगंज के पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह ने रविवार को जानकारी देते हुए कहा कि बच्चे के पिता की शिकायत पर सोरों थाने में मुकदमा दर्ज किया गया और सोरों पुलिस, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीमों ने 24 घंटे से भी कम समय में बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में क्रांति (मां), डॉ. अरुण कुमार और उनकी पत्नी पिंकी (बिचौलिए), तथा महीपाल और संतोषी (खरीदार दंपती) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, खरीदार दंपती पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए थे, लेकिन उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

सोरों थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) और धारा 143 (मानव तस्करी) तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम की धारा 81 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस डॉक्टर दंपती की चिकित्सकीय योग्यता की भी जांच कर रही है।

बरामदगी के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे कासगंज के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार के सदस्य उसकी देखभाल में जुटे हैं।

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