डीसी-एसपी की संयुक्त बैठक में बिजली, पानी, यातायात और विसर्जन व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश; सीसीटीवी व अग्नि सुरक्षा पर विशेष जोर
गुमला (झारखंड)। आगामी दुर्गापूजा, विजयादशमी, दीपावली और छठ पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त दिलीश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। इसमें पूजा समितियों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, बिजली और विसर्जन व्यवस्था को लेकर सुझाव दिए।
बैठक की शुरुआत डीसीएलआर राजीव कुमार द्वारा पिछली शांति समिति की बैठक की कार्यवाही पढ़कर सुनाने के साथ हुई। इसके बाद पूजा पंडालों और जुलूसों की सुरक्षा से लेकर छठ घाटों की साफ-सफाई तक विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
डीजे पर प्रतिबंध, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक
बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने स्पष्ट किया कि डीजे का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी गुमला अखिलेश कुमार ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित कराने की बात कही।
प्रशासन ने पूजा समितियों को पंडालों में पर्याप्त निकास द्वार रखने, सुरक्षित विद्युत वायरिंग कराने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया। ज्वलनशील सामग्री एवं कपड़ों के इस्तेमाल से बचने तथा आवश्यक अग्नि सुरक्षा निरीक्षण और प्रमाणन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
हर पंडाल में सीसीटीवी और हेल्प डेस्क की व्यवस्था
एसडीपीओ गुमला सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि पर्व के दौरान सुरक्षा मजबूत रखने के लिए विस्तृत यातायात योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया। इनमें एक कैमरा मूर्ति या मुख्य क्षेत्र और दूसरा बाहरी क्षेत्र को कवर करे। साथ ही हेल्प डेस्क स्थापित करने और नो-एंट्री व्यवस्था प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने और जरूरी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। विसर्जन के दौरान गोताखोरों, अग्निशमन वाहन और अन्य सुरक्षा संसाधनों को तैयार रखने के साथ निर्धारित समय पर विसर्जन संपन्न कराने की बात कही गई।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा ने कहा कि पर्वों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पूजा समितियों से विसर्जन की पूर्व सूचना पुलिस-प्रशासन को देने तथा निर्धारित मार्ग में बिना अनुमति बदलाव नहीं करने की अपील की।
उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों पर नजर रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा। सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक या आपत्तिजनक संदेशों को बिना सत्यापन साझा नहीं करने की भी अपील की गई।
बिजली, पेयजल और सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता
शांति समिति के सदस्यों ने सप्तमी से दशमी तक नियमित पेयजल आपूर्ति, पूजा स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, विसर्जन के लिए वाहनों की उपलब्धता, महिला पुलिस बल की तैनाती और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा की मांग रखी।
इसके अलावा प्रखंड मुख्यालयों एवं प्रमुख बाजारों में यातायात प्रबंधन, छठ घाटों की सफाई और मरम्मत, नशे तथा असामाजिक गतिविधियों पर कार्रवाई और मांझाटोली एवं पतराटोली की सड़कों की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया गया।उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को बिजली, पानी, स्वच्छता और प्रकाश जैसी बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने तथा सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सड़क मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने के लिए भी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने को कहा।
स्वास्थ्य सेवाएं और विसर्जन व्यवस्था भी रहेंगी तैयार
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को पर्व के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार रखने और पूजा पंडालों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलेवासियों से पर्व को भाईचारे के साथ मनाने और किसी भी समस्या या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष अथवा प्रशासन को देने की अपील की।
बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, डीसीएलआर राजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, एसडीओ बसिया, डीएसपी गुमला, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा-सह-जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी ललन कुमार रजक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पूजा समिति प्रतिनिधि और शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

शांति समिति की बैठक के बाद उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ अलग बैठक कर विधि-व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, सुरक्षा, यातायात और आवश्यक नागरिक सुविधाओं को लेकर दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सतत निगरानी रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया।




















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