जैविक उद्यान के टिकट संग्रह और कैंटीन आवंटन में अनियमितता का आरोप, जांच की मांग
लोहरदगा। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित जैविक उद्यान के संचालन को लेकर लोहरदगा चैंबर ऑफ कॉमर्स ने वन विभाग पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। चैंबर ने उद्यान में प्रवेश टिकट की राशि के संग्रह, लेखा-जोखा और कैंटीन आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
चैंबर के अनुसार, उद्यान का निर्माण पूरा हुए अभी एक माह भी नहीं हुआ है। उद्यान की देखरेख के लिए एक क्षेत्रीय वन पदाधिकारी को अधिकृत किए जाने की जानकारी है। चैंबर ने कहा कि पार्क का निर्माण और समय पर जनता के लिए खोलना सराहनीय कदम है, लेकिन इसके बाद संचालन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

चैंबर ने दावा किया कि उद्यान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं और प्रवेश टिकट की बिक्री से अब तक करीब 15 लाख रुपये या उससे अधिक की राशि संग्रहित होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, टिकट बिक्री की राशि किसके द्वारा संग्रहित की जा रही है, सरकारी कोष में कितनी राशि जमा हुई और इसका विधिवत लेखा-जोखा कौन रख रहा है, इस पर चैंबर ने सवाल उठाया है। चैंबर ने पूरे टिकट संग्रह की जांच की मांग की है।
वहीं, कैंटीन आवंटन को लेकर भी चैंबर ने आपत्ति जताई है। उसका आरोप है कि जैविक उद्यान की कैंटीन को कथित तौर पर मात्र 4,500 रुपये प्रतिमाह की दर पर आवंटित किया गया है। चैंबर का कहना है कि उद्यान में बाहर से खाद्य सामग्री ले जाने पर रोक होने के कारण कैंटीन का व्यावसायिक महत्व काफी अधिक है। ऐसे में आवंटन प्रक्रिया और निर्धारित दर की पारदर्शिता की जांच जरूरी है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स ने वन विभाग के वरीय अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने तथा कैंटीन आवंटन प्रक्रिया को निरस्त कर पुनः निविदा (री-बिड) कराने की मांग की है। चैंबर ने कहा कि जांच के बाद यदि किसी स्तर पर अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।






















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