भंडरा । प्रखंड में चल रहे ऐतिहासिक नौ दिवसीय रथ मेला के दूसरे दिन शुक्रवार को भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। दूर-दराज से आए लोगों ने आस्था के साथ मेले का आनंद लिया।
मौसीबाड़ी में लगा भक्तों का तांता, हुआ खिचड़ी भंडारा
शुक्रवार सुबह से ही अखिलेश्वर धाम स्थित मौसीबाड़ी में भक्तों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। भगवान को भोग लगने के बाद खिचड़ी का भंडारा वितरित किया गया, जिसे हजारों भक्तों ने प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। रथ मेला आयोजन समिति के किशोरी मोहन शर्मा ने बताया कि 9 दिनों तक मौसीबाड़ी में भगवान के अलग-अलग रूपों के दर्शन होंगे। रोजाना शाम को संध्या आरती में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
इसके अलावा अखिलेश्वर धाम शिव मंदिर में भी देर शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।

मेले में झूले और खरीदारी का रहा क्रेज
मेला परिसर में दूसरे दिन भी रौनक बरकरार रही। लोगों ने झूला, टोरा-टोरा, मौत का कुआं, जलपरी, क्राफ्ट बाजार और मीना बाजार में जमकर खरीदारी की। बच्चों ने झूलों का भरपूर आनंद लिया।
घर-घर में बनी मटन-चिकन
रथ मेले के दूसरे दिन शुक्रवार को क्षेत्र में मेहमाननवाजी की परंपरा देखने को मिली। बारिश के कारण मेला देखने आए अधिकांश लोग अपने घर नहीं लौट सके और रिश्तेदारों के यहां रुक गए। इसी के चलते शुक्रवार को सुबह से ही भंडरा के चौक-चौराहों पर मटन और चिकन की जमकर खरीदारी हुई। बाजारों में मटन-चिकन की दुकानों पर सुबह से भीड़ लगी रही। लोगों ने स्वादिष्ट भोजन बनाकर मेहमानों की खातिरदारी की। रथ मेले के दौरान मेहमाननवाजी की यह परंपरा हर साल क्षेत्र की पहचान बनती है।




















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