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गरजे मुख्यमंत्री: नवनियुक्त शिक्षक नौकरी नहीं, भावी पीढ़ी का भविष्य गढ़ने की जिम्मेवारी संभालें; बच्चों के साथ बर्बरता या दुर्व्यवहार हुआ तो कानून उठाएगा कड़े कदम

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1,042 सहायक आचार्यों को मिला नियुक्ति पत्र; प्रदीप बोले— बिना एक रुपया दिए पूरी पारदर्शिता से मिली नौकरी, मां ने सीएम की तस्वीर को चूमा

न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो

रांची (खेलगांव)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य राजकीय समारोह में नवनियुक्त १,०४२ इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों (शिक्षकों) के बीच नियुक्ति पत्र का वितरण किया। इस अवसर पर नवनियुक्त शिक्षकों और उनके परिजनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आपको केवल एक नौकरी नहीं दी है, बल्कि झारखंड की भावी पीढ़ी के बौद्धिक आयाम को तय करने और उनका भविष्य गढ़ने की एक युगपरिवर्तित करने वाली महत्त्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी है। उन्होंने साफ कहा कि आज से आप सभी नवनियुक्त सहायक आचार्य राज्य सरकार के अभिन्न अंग हैं और झारखंड को शिक्षा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना अब आपकी सबसे बड़ी जवाबदेही है।

“सरकार की आंख, कान और हाथ बनकर करें काम, बच्चों से दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कड़े और संवेदनशील लहजे में शिक्षकों को उनके सामाजिक व विधिक दायित्वों का बोध कराया। उन्होंने कहा कि झारखंड की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही हैं, इसलिए दुर्गम ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की रोशनी पहुंचाना अब नए शिक्षकों के कंधों पर है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर आने वाली स्कूली घटनाओं का विशेष रूप से जिक्र करते हुए सख्त चेतावनी दी:

“झारखंड के किसी भी सरकारी विद्यालय से बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के अप्रिय या अमानवीय दुर्व्यवहार की खबर सामने नहीं आनी चाहिए। सरकार जितनी संवेदनशीलता से शिक्षकों को आगे बढ़ाने और उन्हें अधिकार देने की सोच रखती है, व्यवस्था और कानून को बनाए रखने के लिए उतनी ही कठोरता से दंडात्मक कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेगी। वर्तमान समय जाति या धर्म का नहीं, बल्कि दक्षता, कार्य और सकारात्मक विचारों का है।”

प्राइवेट स्कूलों के समानांतर खड़ा हुआ ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ मॉडल, 200 से अधिक विज्ञान शिक्षक बहाल

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष २०२१ में शुरू किया गया ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय’ (Schools of Excellence) मॉडल आज निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहा है। इसका प्रमाण यह है कि शहरी व अन्य क्षेत्रों में जहाँ ९ से १० हजार सीटें उपलब्ध हैं, वहीं दाखिले के लिए ४० हजार से अधिक आवेदन आ रहे हैं, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर जनता के बढ़ते अटूट भरोसे का प्रतीक है।

उन्होंने विशेष रूप से खुशी जताते हुए कहा कि इस बार की नियुक्ति में २०० से अधिक विज्ञान संकाय (Science Faculty) के शिक्षकों की बहाली हुई है। अक्सर सरकारी स्कूलों में विज्ञान के शिक्षकों की कमी की शिकायत मिलती थी, लेकिन अब हमारे गरीब और ग्रामीण परिवेश के बच्चे भी विज्ञान की बेहतर पढ़ाई कर इंजीनियर और डॉक्टर बन सकेंगे। उन्होंने दोहराया कि पूर्व के कार्यकाल में जहां ५५ हजार से अधिक नियुक्तियां दी गई थीं, वहीं वर्तमान कार्यकाल के दूसरे महीने से ही स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों में नियुक्तियां निरंतर जारी हैं।

             सहायक आचार्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह 2026: एक नजर में
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│ मुख्य कमान/संबोधनकर्ता        │ हेमंत सोरेन (माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड)│
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│ कुल वितरित नियुक्ति पत्र       │ 1,042 (इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य)│
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│ मुख्य आयोजन स्थल              │ टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव, रांची│
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│ विशेष फोकस                    │ 200 से अधिक विज्ञान (Science) शिक्षकों की बहाली│
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│ मंच पर उपस्थित मुख्य अतिथि    │ वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी│
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अभ्यर्थियों ने साझा किए भावुक अनुभव: “2026 नियुक्तियों का वर्ष हुआ साबित”

समारोह के दौरान नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले नवनियुक्त शिक्षकों ने जब मंच से अपने अनुभव साझा किए, तो पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा:

  • प्रदीप कुमार यादव (नवनियुक्त शिक्षक): इन्होंने एक भावुक संस्मरण सुनाते हुए कहा, “जिस दिन मेरा रिजल्ट आया और अखबार में मां ने मुख्यमंत्री जी की तस्वीर देखी, तो उन्होंने भावुक होकर आपकी तस्वीर को तीन बार प्रणाम किया। मेरे पिताजी इस दुनिया में नहीं हैं। मेरी मां इस बात से बेहद खुश हैं कि कहीं एक रुपया दिए बिना, इतने पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से मेरी भर्ती हुई है।”

  • सीता कुमारी (नवनियुक्त शिक्षिका): रांची की सीता कुमारी ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि २२ वर्षों के लंबे कड़े संघर्ष के बाद उन्हें इस पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिला है। सरकार की सावित्रीबाई फुले और छात्रवृत्ति योजनाओं से बच्चे अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं।

  • मनोज कुमार वैद्य (नवनियुक्त शिक्षक): मनोज ने मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के द्वारा वर्ष २०२६ को ‘नियुक्तियों का वर्ष’ घोषित किया गया था, जिसका सीधा लाभ कठिन परिश्रम करने वाले युवाओं को पारदर्शी तरीके से मिला है।

गरिमापूर्ण समारोह में कई आला अधिकारी और राजनेता रहे मौजूद

इस ऐतिहासिक और गौरवशाली नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्य रूप से राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह सहित कई अन्य वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी, शिक्षाविद, गणमान्य नागरिक और राज्यभर से आए नवनियुक्त सहायक आचार्य तथा उनके गौरवान्वित परिजन भारी संख्या में उपस्थित थे।

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