एसपी की गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई, तस्करों के मोबाइल से खुले कई बड़े राज; इटखोरी का पितीज गांव बना नशे का हब
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा। चतरा जिला पुलिस ने मादक पदार्थों के सौदागरों और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के खिलाफ अपनी कड़क मुहिम जारी रखते हुए एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कप्तान के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत भेड़ीफॉर्म स्थित लक्षणपुर डैम जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर एक लग्जरी ब्रेजा कार से तस्करी की जा रही 21.10 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली ब्राउन शुगर बरामद की है। मौके से पुलिस ने दो शातिर अंतर-जिला तस्करों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस बड़ी सफलता की विस्तृत जानकारी चतरा के एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।
लक्षणपुर डैम के पास चल रही थी ड्रग्स की डीलिंग, एसपी की सूचना पर बिछा जाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेष नैथानी को यह पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि सदर थाना क्षेत्र के भेड़ीफॉर्म अंतर्गत लक्षणपुर डैम के आसपास कुछ रसूखदार तस्कर एक लग्जरी वाहन से ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री और सप्लाई करने के लिए जुटे हुए हैं।
सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए एसपी के निर्देश पर तुरंत एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए लक्षणपुर डैम जाने वाली रोड पर नाकेबंदी की और संदिग्ध ब्रेजा कार को रोककर जब तलाशी ली, तो भारी मात्रा में प्रतिबंधित ब्राउन शुगर बरामद हुई। पुलिस ने मौके से ही दोनों तस्करों को धर दबोचा।
इटखोरी के पितीज गांव के रहने वाले हैं दोनों तस्कर, कार और मोबाइल फोन जब्त
पुलिस की गिरफ्त में आए तस्करों की पहचान इटखोरी थाना क्षेत्र के कुख्यात पितीज गांव निवासी विकास कुमार (पिता: बेचन दांगी) और रवि कुमार (पिता: इंद्रदेव सिंह) के रूप में की गई है। पुलिस ने तस्करों के पास से निम्नलिखित सामान विधिवत जब्त किया है:
प्रतिबंधित मादक पदार्थ: 21.10 ग्राम शुद्ध ब्राउन शुगर।
तस्करी में प्रयुक्त वाहन: एक सफेद रंग की ब्रेजा कार (पंजीकरण संख्या- JH 02 BZ 8840)।
डिजिटल साक्ष्य: तस्करों के इस्तेमाल किए जा रहे 02 चालू स्मार्टफोन।
एसडीपीओ ने बताया कि पकड़े गए तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न कठोर और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
भेड़ीफॉर्म ब्राउन शुगर जब्ती कांड: एक नजर में
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│ मुख्य कमान व मार्गदर्शक │ अनिमेष नैथानी (पुलिस अधीक्षक, चतरा) │
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│ खुलासा कर्ता │ सन्नी वर्धन (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चतरा)│
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│ गिरफ्तार तस्कर (निवासी: पितीज) │ 1. विकास कुमार 2. रवि कुमार │
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│ बरामद मादक पदार्थ व वाहन │ 21.10 ग्राम ब्राउन शुगर एवं ब्रेजा कार │
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│ विधिक कार्रवाई │ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज, आरोपी जेल रवाना│
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मोबाइल से मिला पूरे सिंडिकेट का सुराग, लावालौंग और इटखोरी पुलिस अलर्ट
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने आगे बताया कि तस्करों के पास से जब्त किए गए दोनों मोबाइलों के प्रारंभिक तकनीकी विश्लेषण और कॉल डिटेल्स से पुलिस को चतरा, हजारीबाग और पड़ोसी राज्यों में फैले ड्रग्स नेटवर्क के कई सफेदपोश आकाओं और किंगपिन की महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल हुई हैं। पुलिस की साइबर और टेक्निकल विंग इस पूरे सिंडिकेट के अंतिम छोर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, और जल्द ही इस धंधे में शामिल अन्य तस्करों की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
युवाओं के भविष्य के लिए नासूर बन रहा है इटखोरी का पितीज गांव

विश्वस्त सूत्रों और पुलिस इनपुट्स के अनुसार, इटखोरी थाना क्षेत्र का पितीज गांव इन दिनों पूरे चतरा जिले और आसपास के इलाकों में ब्राउन शुगर की तस्करी और भंडारण का एक बड़ा केंद्र (हब) बनता जा रहा है। यहां के स्थानीय और नए उम्र के लड़के अवैध कमाई और आर्थिक लाभ के चक्कर में चतरा के साथ-साथ हजारीबाग, गया और अन्य सीमावर्ती राज्यों में भी पैडलर बनकर ड्रग्स की सप्लाई कर रहे हैं। इस जानलेवा लत के कारण जहां एक ओर क्षेत्र की युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अपराध का ग्राफ भी बढ़ रहा है। चतरा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और ऐसे संदिग्धों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सफल छापामारी दल में शामिल जांबाज पुलिस अधिकारी
मादक पदार्थों के खिलाफ इस सफल और त्वरित सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने वाली टीम में एसडीपीओ सन्नी वर्धन के अलावा एनडीपीएस थाना प्रभारी शमी अंसारी, पुलिस अवर निरीक्षक (SI) कासिम अंसारी, एएसआई (ASI) प्रवीण कुमार और चतरा सदर थाने के सशस्त्र बल के जवान मुख्य रूप से शामिल थे।






















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