पुलिस की बड़ी कामयाबी: खुद को MCC बताकर 6 ग्रामीणों का अपहरण करने वाले 5 उग्रवादी गिरफ्तार; पुलिस की जवाबी फायरिंग के बाद भागे थे आरोपी
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा। चतरा जिला पुलिस ने अपराधियों और नकली उग्रवादी संगठनों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। हथियार के बल पर छह ग्रामीणों का अपहरण कर एक लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले अंतर-जिला गिरोह के पांच उग्रवादियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है।
शनिवार को समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान सिमरिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) नागरगोजे शुभम भाऊसाहब ने इस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा किया।
हथियार के बल पर 6 ग्रामीणों का किया था अपहरण, मांगी थी ₹1 लाख फिरौती
प्रेस विज्ञप्ति (जिसका विवरण “WhatsApp Image 2026-06-20 at 11.52.17 AM.jpg” में संलग्न है) के अनुसार, घटना 18 जून 2026 की रात्रि करीब 10:30 बजे की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ग्राम टुटीलावा से हेसातु जाने वाले रास्ते में स्थित हड़गड़ी जंगल में कुछ अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर छह लोगों का अपहरण कर लिया है।
अपहृत लोगों में: विनोद साव, पिता- रघु साव,महेन्द्र साव, पिता- भिखारी साव, संतोष साव, पिता- चोहन साव, प्रदीप साव, पिता- कोली साव, (उपरोक्त चारों निवासी- तेलियाडीह, थाना- टंडवा, जिला- चतरा), बिन्दु देवी, पति- स्व० राजू भुईयां (निवासी- तेलियाडीह, थाना- टंडवा, जिला- चतरा), सोनी देवी, पति- स्व० बुटन भुईयां (निवासी- गोबदा, थाना- केरेडारी, जिला- हजारीबाग) शामिल थे।
अपराधियों ने खुद को प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एमसीसी (MCC) का सदस्य बताकर डराया था और सभी को छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये की फिरौती की मांग कर रहे थे।
जंगल में मुठभेड़: पुलिस को देख अपराधियों ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में छूटे बंधक
मामले की गंभीरता को देखते हुए चतरा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तुरंत एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया, जिसका नेतृत्व सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहब खुद कर रहे थे।
जैसे ही पुलिस का खोजी दल हड़गड़ी जंगल के भीतर पहुंचा, अपराधियों ने पुलिस बल को अपनी तरफ आते देख उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षार्थ और अपहृतों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस दल द्वारा भी त्वरित जवाबी फायरिंग की गई। पुलिस की भारी घेराबंदी और जवाबी कार्रवाई से भयभीत होकर अपराधी अपहृत लोगों को मौके पर ही छोड़कर घने जंगल का फायदा उठाकर भागने लगे। पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए सभी छह अपहृत ग्रामीणों को सकुशल और सुरक्षित बरामद कर लिया।
घेराबंदी कर 5 उग्रवादी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार व लूट के सामान बरामद
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद पुलिस टीम ने उग्रवादियों का पीछा करते हुए सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस घटना में शामिल कुल 06 अपराधियों में से 05 अपराधियों/अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार व निरुद्ध कर लिया है, जबकि एक अन्य फरार आरोपी की तलाश जारी है।
पकड़े गए मुख्य अभियुक्तों में रमेश कुमार गंझू (उम्र करीब 24 वर्ष, पिता- मँगर गंझू) एवं सतीश कुमार गंझू (उम्र करीब 19 वर्ष, पिता- सीटन गंझू) शामिल हैं, जो ग्राम- हेसातु, टोला- लेम्बोडीह, थाना- टंडवा (चतरा) के निवासी हैं।
बरामद सामानों की सूची: 03 अदद देशी भराठी बंदूक। 01 पीस बिल्कुल असली पिस्टल जैसा दिखने वाला लाइटर (जिसका भय दिखाकर अपहरण किया गया था)। 01 पीस गुप्ती (बड़ा धारदार चाकू)। 03 पीस ओप्पो (Oppo) कंपनी के मोबाइल फोन (जो घटना के दौरान ग्रामीणों से लूटे गए थे)। 01 पीस रियलमी (Realme) कंपनी का मोबाइल फोन और चप्पल (जो भागने के क्रम में अभियुक्तों का छूट गया था)।
सिमरिया थाना में संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज
इस दुस्साहसिक घटना को लेकर सिमरिया थाना में कांड सं०- 116/2026, दिनांक- 19.06.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(2)/109/132/308(4)/311/312/121(2) एवं 25(1-B)a/27/28/35 आर्म्स एक्ट सहित 17(i)(ii) सीएलए एक्ट (CLA Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से: अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), सिमरिया। पु०अ०नि० सूर्य प्रताप सिंह (थाना प्रभारी, सिमरिया थाना)। स०अ०नि० चन्द्रमौलेश्वर कुमार। पु०अ०नि० राजू राणा। गृह रक्षक-11423 अंकित कुमार सिंह। सिमरिया थाना का सशस्त्र बल एवं आरक्षी जवान।





















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