कस्तूरबा और जेबीएवी की शिक्षिकाओं का भी बढ़ेगा वेतन; अनुकंपा नियुक्ति पर लिया गया बड़ा फैसला; डहर पोर्टल से चिन्हित 34 दिव्यांग बच्चों को स्कूल भेजने के लिए जिला प्रशासन चलाएगा ‘मिशन मोड’ अभियान
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा: जिले के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर को और अधिक कड़ा, गुणात्मक व पारदर्शी बनाने तथा शिक्षकों व कर्मियों के कल्याण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। चतरा समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) स्थित मुख्य सभा कक्ष में उपायुक्त (DC) रवि आनंद की गरिमामयी अध्यक्षता में झारखंड शिक्षा परियोजना (JEPC) की जिला कार्यकारिणी समिति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक के दौरान जिले की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न नीतिगत विषयों की गहन विभागवार समीक्षा की गई। बैठक में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण, संविदा कर्मियों के मानदेय पुनरीक्षण तथा विद्यालय से बाहर रह रहे दिव्यांग बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने को लेकर कई कड़े व ऐतिहासिक विधिक निर्णय लिए गए।
काम के आधार पर मिलेगा रिवॉर्ड: लक्ष्य पूरा करने वाले CRP-BRP को मिलेगा 3 प्रतिशत वेतन वृद्धि का लाभ
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में कार्यरत संकुल साधनसेवी (CRP) एवं प्रखंड साधनसेवी (BRP) के दैनिक कार्य निष्पादन और फील्ड विजिट की कड़ाई से समीक्षा की। पूरी समिति ने विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह कड़ा और ऐतिहासिक विधिक निर्णय लिया:
मानदेय में 3% की बढ़ोतरी: राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा निर्धारित वार्षिक अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) लक्ष्यों को शत-प्रतिशत और ससमय पूर्ण करने वाले योग्य सीआरपी एवं बीआरपी को 03 प्रतिशत वार्षिक मानदेय (वेतन) वृद्धि का सीधा विधिक लाभ प्रदान किया जाएगा।
लापरवाहों पर गिरेगी गाज: वहीं दूसरी तरफ, जो कर्मी फील्ड में निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने में पूरी तरह असफल रहे हैं और जिनकी कार्यशैली सुस्त पायी गई है, उन्हें इस वेतन वृद्धि के दायरे से कड़ाई से बाहर रखा जाएगा।
शिक्षिकाओं के मानदेय में भी वृद्धि: इसके अतिरिक्त, जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) एवं झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (JBAV) में पूरी निष्ठा से कार्यरत पूर्णकालिक शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर (नॉन-टीचिंग) कर्मचारियों को भी उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर वार्षिक मानदेय वृद्धि प्रदान करने के प्रस्ताव को विधिक मंजूरी दे दी गई।
अनुकंपा नियुक्ति के मामलों पर कड़ा रुख, शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की होगी कड़ाई से जांच
बैठक में संकुल साधनसेवी (सीआरपी) संवर्ग से संबंधित अनुकंपा के आधार पर होने वाली नियुक्तियों के लंबित मामलों पर भी गंभीर चर्चा की गई। समिति ने निर्णय लिया कि इस संवेदनशील विषय पर राज्य सरकार से आवश्यक विभागीय मार्गदर्शन प्राप्त किया जाए।
इसके साथ ही, दिवंगत (मृत) सीआरपी के आश्रितों से उनके सभी आवश्यक विधिक व शैक्षणिक प्रमाण-पत्र अविलंब प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उनके दस्तावेजों की मुकम्मल स्क्रूटनी कर पूरे मामले को अगली कार्यकारिणी समिति की बैठक में अंतिम विचारार्थ प्रस्तुत किया जा सके। इधर, एक अन्य मामले में स्वास्थ्यगत कारणों से लंबे समय से बिना सूचना के गायब (अनुपस्थित) चल रहे एक संसाधन शिक्षक के अभिलेखों की जांच करने तथा संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) से इस पर कड़ा लिखित प्रतिवेदन (रिपोर्ट) प्राप्त कर अगली बैठक में रखने का निर्देश दिया गया।
डहर पोर्टल (Dahar Portal) से चिन्हित 34 दिव्यांग बच्चों को स्कूल भेजने के लिए बनेगा स्पेशल ब्लूप्रिंट
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण और मानवीय पहलू विद्यालय से बाहर (आउट ऑफ स्कूल) रह रहे दिव्यांग बच्चों का सरकारी स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना रहा। डहर पोर्टल (Dahar Portal) के माध्यम से जिले भर में चिन्हित किए गए कुल 34 दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों की तरह शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष विधिक रणनीति तैयार की गई।
इस विधिक कार्य को धरातल पर उतारने के लिए शिक्षा विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पंचायती राज, सूचना एवं जनसंपर्क तथा जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) के साथ मिलकर एक समन्वित व कड़ा जॉइंट एक्शन प्लान (कार्ययोजना) तैयार करने पर सहमति बनी।
कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार (RTE) से वंचित न रहे, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी: उपायुक्त
चतरा उपायुक्त रवि आनंद ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा कि पोर्टल पर चिन्हित किए गए प्रत्येक दिव्यांग बच्चे के घर तक प्रशासनिक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्हें विशेष संसाधन उपलब्ध कराते हुए स्कूलों में नामांकित करने के लिए ‘मिशन मोड’ में कार्य किया जाए।
उन्होंने कड़े शब्दों में रेखांकित किया कि समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। भारत के संविधान के तहत चतरा जिले का कोई भी मासूम बच्चा अपने मौलिक शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना केवल शिक्षा विभाग की नहीं, बल्कि सभी संबंधित प्रशासनिक विभागों की सामूहिक और विधिक जिम्मेदारी है।
समीक्षा बैठक के दौरान ये मुख्य जिला स्तरीय आला अधिकारी रहे उपस्थित
चतरा समाहरणालय के सभा कक्ष में आयोजित इस उच्चस्तरीय जिला कार्यकारिणी समिति की बैठक के मुख्य अवसर पर: चतरा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) दिनेश कुमार मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक (DEE) रामजी कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) शकील अहमद, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर पंडित सहित झारखंड शिक्षा परियोजना के मुख्य तकनीकी को-ऑर्डिनेटर, कनीय अभियंता (JE) और विभिन्न प्रखंडों के मुख्य शिक्षा प्रसार पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे। सभी अधिकारियों ने उपायुक्त के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने का भरोसा दिलाया है।



















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