सीओ और थाना प्रभारी की पहल पर हटा जाम; ट्रांसपोर्टरों ने दिया ₹40 हजार नगद, सरकारी प्रावधान के तहत ₹4 लाख, बच्चों की मुफ्त पढ़ाई और पत्नी को अनुबंध पर नौकरी का आश्वासन
न्यूज स्केल लाइव
सिमरिया (चतरा): चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमरिया-बगरा-बालूमाथ मुख्य मार्ग पर बीती रात रफ्तार के कहर ने एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। मुख्य मार्ग पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में जबड़ा पंचायत के संधली गांव निवासी प्रदीप बाखला की दर्दनाक मौत हो गई।
इस घटना से आक्रोशित पीड़ित परिजनों और भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने उचित सरकारी मुआवजे तथा दुर्घटना के जिम्मेदार दोषी वाहन चालक पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया। ग्रामीणों का यह उग्र चक्का जाम लगातार 15 घंटे तक जारी रहा, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों, बसों और एम्बुलेंसों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।
कोयला वाहन के ओवरटेक करने से हुआ हादसा, इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत से उजड़ा परिवार
मृतक के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों ने कोल वाहनों के परिचालन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सीधा आरोप लगाया कि बीती रात तेज रफ्तार कोयला लदे एक भारी वाहन (हाईवा) द्वारा लापरवाही से ओवरटेक किए जाने के कारण यह भीषण हादसा हुआ। कोल वाहन के धक्के से प्रदीप बाखला की मौके पर ही तड़प-तड़प कर जान चली गई।
परिजनों ने रोते हुए बताया कि मृतक प्रदीप बाखला अपने पूरे परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, जिसकी मजदूरी से घर का चूल्हा जलता था। उसकी इस असमय और दर्दनाक मौत के बाद उसके पीछे तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चे और पत्नी बेसहारा हो गए हैं। संधली गांव स्थित मृतक के घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में गहरा मातम पसरा हुआ है।
15 घंटे बाद पहुंचे अधिकारी, सीओ गौरव कुमार राय के दखल पर ट्रांसपोर्टरों ने टेके घुटने
चक्का जाम और जनता के भारी आक्रोश की सूचना मिलने के बाद सिमरिया अंचलाधिकारी (CO) गौरव कुमार राय और थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने उग्र ग्रामीणों और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण लिखित समझौते और ऑन-स्पॉट मुआवजे पर अड़े रहे।
इसके बाद सीओ गौरव कुमार राय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्परता से पहल की और संबंधित कोल माइंस व ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों के प्रबंधकों को मौके पर तलब किया। अधिकारियों की मौजूदगी में पीड़ित परिवार और ट्रांसपोर्टरों के बीच एक त्रिपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए ट्रांसपोर्टरों को झुकना पड़ा।
लिखित समझौता: नगद राशि, ₹4 लाख का मुआवजा और पत्नी को मिलेगी सरकारी नौकरी
अंचलाधिकारी गौरव कुमार राय की कुशल मध्यस्थता के बाद निम्नलिखित बिंदुओं पर लिखित सहमति बनी, जिसके बाद ग्रामीणों ने 15 घंटे से जारी जाम को पूरी तरह से हटाया:
नगद सहायता: ट्रांसपोर्टरों द्वारा मृतक के आश्रितों को अंतिम संस्कार व फौरी राहत के लिए ₹40,000 नगद तुरंत उपलब्ध कराए गए।
सरकारी मुआवजा: आपदा प्रबंधन विभाग के सरकारी प्रावधानों के अनुसार पीड़ित परिवार को ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) का हिट एंड रन मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया सीओ द्वारा शुरू की गई।
बच्चों की शिक्षा: मृतक के तीनों छोटे बच्चों का स्थानीय प्रतिष्ठित विद्यालय में निशुल्क नामांकन कराकर उनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
रोजगार की गारंटी: पीड़ित परिवार के भरण-पोषण के लिए मृतक की लाचार पत्नी को योग्यता के आधार पर अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर अविलंब नौकरी दी जाएगी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, थाना प्रभारी बोले— ‘लापरवाह चालकों पर होगी कानूनी कार्रवाई’
लिखित आश्वासन और नगद राशि प्राप्त होने के बाद ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग से पत्थरों और टायरों को हटाकर जाम को पूरी तरह से मुक्त कराया, जिसके बाद कतार में फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए अंत्यपरीक्षण के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटना के जिम्मेदार अज्ञात कोल वाहन और उसके चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गैर-इरादतन हत्या की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कोल वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को सीधे जेल भेजा जाएगा।























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