संवेदनशील क्षेत्र में गरीबों की जेब पर सीधा डाका; ₹10 की चाय और पानी की बोतलों के वसूले जा रहे मनमाने दाम; सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से की एम्स गेट के बाहर मूल्य नियंत्रण और औचक जांच की मांग
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
देवघर: बाबा नगरी देवघर में स्थित प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS देवघर) के मुख्य गेट के बाहर इन दिनों मानवता को शर्मसार करने वाली मुनाफाखोरी का मामला प्रकाश में आया है। एम्स अस्पताल के ठीक बाहर संचालित खाने-पीने और रोजमर्रा की आवश्यक चीजों की आसमान छूती कीमतों को लेकर स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आए मरीजों के परिजनों में भारी नाराज़गी और गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
अस्पताल में गंभीर बीमारियों का इलाज कराने आने वाले लाचार मरीजों के परिजनों ने स्थानीय दुकानदारों पर उनकी मजबूरी का नाजायज फायदा उठाने और एमआरपी (MRP) से दोगुनी कीमत पर आवश्यक सामग्रियां बेचने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। सबसे ज्यादा शिकायतें पीने के पानी, चाय, सुबह के नाश्ते और छोटे-मोटे खाद्य पदार्थों को लेकर लगातार सामने आ रही हैं।
बीमारी की मार के बीच महंगाई का टॉर्चर, पानी की बोतल तक के लिए देने पड़ रहे अतिरिक्त पैसे
झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के सुदूर ग्रामीण इलाकों से एम्स देवघर में इलाज कराने आने वाले अधिकतर परिवार बेहद गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के होते हैं। ऐसे में एम्स गेट के बाहर फुटपाथ और छोटी दुकानों पर एक बोतल पीने का साफ पानी तक तय प्रिंट रेट से काफी अधिक दामों में बेचा जा रहा है।
लूट का शिकार हुए कई पीड़ित परिजनों ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया कि अस्पताल के अंदर वैसे ही अपनों की जान बचाने की गंभीर चिंता लगी रहती है, वहीं दूसरी ओर बाहर कदम रखते ही चाय-नाश्ते वाले हमारी मजबूरी का सरेआम फायदा उठा रहे हैं। गरीबों की जेब पर हो रहा यह सीधा हमला बेहद निंदनीय है, क्योंकि सुबह से शाम तक अस्पताल परिसर में रुकने के कारण हर छोटी चीज़ के लिए जेब से ज्यादा पैसे देना उनकी लाचारी बन गई है।
अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में खुली लूट बर्दाश्त नहीं: सामाजिक कार्यकर्ता
एम्स गेट के बाहर चल रहे इस अवैध गोरखधंधे और मुनाफाखोरी को लेकर देवघर के स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने देवघर उपायुक्त (DC) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से मांग की है कि एम्स मुख्य गेट के बाहर संचालित सभी होटलों, चाय की दुकानों और किराना स्टोरों पर तत्काल विधिक माप विज्ञान विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम भेजकर सघन औचक जांच अभियान चलाया जाए।
कार्यकर्ताओं का स्पष्ट कहना है कि अस्पताल जैसे अत्यंत संवेदनशील और सेवा भाव वाले क्षेत्र में असहाय, गरीब और जरूरतमंद लोगों के साथ पैसे की यह नंगी लूट किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
दुकानों पर रेट लिस्ट टांगने और वेंडिंग जोन बनाने की उठी मांग
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से यह मांग भी उठाई है कि एम्स के बाहर सभी जरूरी सामानों की एक निश्चित सरकारी कीमत तय की जाए और सभी दुकानों के आगे हिंदी में स्पष्ट ‘रेट लिस्ट’ (मूल्य तालिका) टांगना अनिवार्य किया जाए। नियमों का उल्लंघन कर पानी और भोजन पर ओवररेटिंग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कर उनकी दुकानें सील की जानी चाहिए, ताकि सुदूर वन और ग्रामीण क्षेत्रों से बाबा नगरी में इलाज कराने आने वाले किसी भी गरीब परिवार को इस तरह मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित न होना पड़े। अब देखना यह है कि इस ग्राउंड रिपोर्ट के बाद देवघर का जिला प्रशासन कब तक एक्शन मोड में आता है।






















Total Users : 1012448
Total views : 2789457