विभागीय कार्य के एवज में शिक्षक से मांगी थी मोटी रिश्वत; विजिलेंस की टीम ने केमिकल युक्त नोटों के साथ मुखिया को दबोचा; पूछताछ के बाद कोर्ट में पेशी की तैयारी
बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस डिपार्टमेंट) का महा-अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में विजिलेंस की विशेष टीम ने समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में एक बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई करते हुए निगरानी की टीम ने दलसिंहसराय प्रखंड की चकबहुद्दीन पंचायत के मुखिया सिया राम राय को 1 लाख 25 हजार (सवा लाख) रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है।
दिनदहाड़े कलेक्ट्रेट रोड जैसी सनसनी फैलाने वाली इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद से पूरे दलसिंहसराय प्रखंड और समस्तीपुर जिले के त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों व बिचौलियों के बीच हड़कंप और भारी दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।
शिक्षक अब्दुल मनान से मांगी थी रिश्वत, पीड़ित ने पटना मुख्यालय में की थी शिकायत
आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार चकबहुद्दीन पंचायत के मुखिया सिया राम राय ने एक स्थानीय शिक्षक अब्दुल मनान से किसी विभागीय या पंचायत स्तर के महत्वपूर्ण कार्य को सरकारी तौर पर निष्पादित (क्लियर) करने के एवज में सवा लाख रुपये घूस की मांग की थी। पीड़ित शिक्षक इस भ्रष्ट व्यवस्था के आगे झुकना नहीं चाहते थे और न ही रिश्वत की रकम देना चाहते थे।
इसके बाद शिक्षक ने हिम्मत दिखाते हुए इस पूरे मामले की एक लिखित और साक्ष्य युक्त शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग के मुख्यालय में दर्ज कराई।
सत्यापन सही मिलते ही डीएसपी के नेतृत्व में बनी रेडिंग टीम, केमिकल वाले नोटों से खुले मुखिया के हाथ
भ्रष्टाचार की इस संवेदनशील शिकायत को गंभीरता से लेते हुए निगरानी ब्यूरो ने पहले अपने गुप्तचरों के माध्यम से मामले की प्रारंभिक तकनीकी जांच (सत्यापन) कराई। जांच में मुखिया द्वारा घूस मांगे जाने की बात अक्षरसः और पूरी तरह सही पाई गई। इसके तुरंत बाद विजिलेंस के डीएसपी के नेतृत्व में एक हाईटेक विशेष दल (रेडिंग टीम) का गठन किया गया।
तय रणनीति के अनुसार मंगलवार को जैसे ही पीड़ित शिक्षक अब्दुल मनान ने मुखिया सिया राम राय को चकबहुद्दीन स्थित निर्धारित स्थान पर 1.25 लाख रुपये के केमिकल युक्त नोट थमाए, वैसे ही आस-पास सादे लिबास में आम राहगीरों की तरह घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने त्वरित घेराबंदी करते हुए मुखिया को रंगे हाथों धर दबोचा। निगरानी के जवानों ने जब मुखिया के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे घूसखोरी का अकाट्य प्रमाण मिल गया।
समस्तीपुर सर्किट हाउस में कड़ाई से पूछताछ, मुजफ्फरपुर की विशेष निगरानी अदालत में होगी पेशी
सफल ट्रैप के तुरंत बाद निगरानी की टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपी मुखिया सिया राम राय को अपनी कस्टडी में लेकर सीधे दलसिंहसराय से समस्तीपुर शहर स्थित सर्किट हाउस (Circuit House) के लिए रवाना हो गई। समस्तीपुर सर्किट हाउस के बंद कमरे में विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार मुखिया से इस सिंडिकेट के अन्य पहलुओं को लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं और सभी विधिक कागजी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों ने मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे आरोपी मुखिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) की सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सर्किट हाउस में पूछताछ और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी मुखिया को कड़े पहरे में मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी की विशेष अदालत (विजिलेंस कोर्ट) में प्रस्तुत किया जाएगा। निगरानी की इस बड़ी कार्रवाई को समस्तीपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी और नजीर पेश करने वाली सफलता माना जा रहा है।






















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