‘क्राइम थ्रिलर’ फिल्मों की तरह यूट्यूब (YouTube) देखकर सीखा था लाश ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने का तरीका; पुलिस ने हत्यारों को भेजा जेल
फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद अंतर्गत बकेवर थाना पुलिस ने एक बेहद सनसनीखेज, रोंगटे खड़े कर देने वाले और अमानवीय हत्याकांड का सफल अनावरण किया है. पुलिस ने प्रेम-प्रसंग के चलते एक युवक की बेरहमी से हत्या कर, उसके शव को आरी और ग्राइंडर मशीन से काटकर जंगल में जलाने वाले वांछित अभियुक्त और अभियुक्ता (पति-पत्नी) को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने गिरफ्तार दंपत्ति की निशानदेही पर मृतक का नर कंकाल, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, आलाकत्ल लकड़ी का चौखट और शव काटने में इस्तेमाल की गई आरी व ग्राइंडर ब्लेड समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं. इस अंधी हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक द्वारा ₹25,000 के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है.
‘यूट्यूब’ पर सर्च किए मर्डर के तरीके, इंटरनेट से सीखी साक्ष्य मिटाने की थ्योरी
बकेवर थाना पुलिस और सर्विलांस सेल की पूछताछ में इस हत्याकांड को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और डिजिटल पहलू सामने आया है.
इंटरनेट की मदद से प्लानिंग: अभियुक्त कामता प्रसाद और उसकी पत्नी किरन देवी ने विजय निषाद को रास्ते से हटाने के लिए बकायदा कई दिनों तक यूट्यूब (YouTube) और इंटरनेट पर खोजी वीडियो तथा क्राइम स्टोरीज खंगाली थीं.
साक्ष्य मिटाने की ट्रेनिंग: आरोपियों ने यूट्यूब पर यह सर्च किया था कि हत्या के बाद घर से खून के धब्बे पूरी तरह कैसे साफ किए जाते हैं, ताकि पुलिस की फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भटकाया जा सके.
हड्डी काटने और जलाने की ट्रिक: उन्होंने इंटरनेट से ही यह सीखा कि शव को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर अगर जंगल में रसायनों या सूखी लकड़ियों के साथ जला दिया जाए, तो लाश की शिनाख्त करना नामुमकिन हो जाता है. इसी ‘यूट्यूब थ्योरी’ पर काम करते हुए उन्होंने वारदात के बाद पूरे घर के खून को रगड़-रगड़ कर साफ किया और साक्ष्य मिटाने की हर संभव कोशिश की. लेकिन, चतुर अपराधियों की यह ‘यूट्यूब वाली चालाकी’ फतेहपुर पुलिस की वैज्ञानिक तफ्तीश के आगे धरी की धरी रह गई.
गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला हत्या का खौफनाक राज
घटना के संक्षिप्त विवरण के अनुसार, 31 मई 2026 को वादी श्री इन्द्रपाल निषाद (निवासी ग्राम टिकरा, थाना बकेवर, फतेहपुर) ने थाने में एक तहरीर दी थी. उन्होंने बताया था कि उनका 21 वर्षीय पुत्र विजय निषाद गत 8 मई 2026 को अपनी मोटरसाइकिल लेकर हमीरपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा.
पिता ने आशंका जताई थी कि उनके पुत्र की बातचीत मनकी निवासी कामता निषाद की पत्नी किरन देवी से होती थी और इसी रंजिश के कारण किरन और उसके पति कामता ने मिलकर उनके पुत्र की हत्या कर शव को छिपा दिया है. तहरीर के आधार पर बकेवर थाने में मु0अ0सं0 73/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/238 पंजीकृत कर जांच शुरू की गई.
8 महीने का प्रेम-प्रसंग और जाल बिछाकर मर्डर: पूछताछ में कबूला गुनाह
पुलिस की कड़ी पूछताछ में अभियुक्तों ने जो खुलासा किया, उसने पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ा दिए:
मिलने के बहाने घर बुलाया: पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि किरन देवी और मृतक विजय निषाद के बीच पिछले 8 महीनों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था. इसकी जानकारी होने पर पति कामता प्रसाद ने विजय को रास्ते से हटाने की साजिश रची. योजना के तहत 8 मई 2026 को किरन ने फोन कर विजय को मिलने के बहाने अपने घर बुलाया.
लकड़ी के चौखट से किया वार: विजय जैसे ही घर के अंदर आया, अभियुक्तों ने मुख्य दरवाजे का ताला बंद कर दिया ताकि वह भाग न सके. इसके बाद पहले से घात लगाए पति कामता प्रसाद ने भारी लकड़ी के चौखट से विजय के सिर पर काफ़ी वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया.
शव अकड़ा तो आरी से काटे पैर, बोरे में भरकर जंगल में फूंका
आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं:
शव को आरी से काटा: हत्या के बाद जब रात में उन्होंने शव को बोरे में भरने की कोशिश की, तो शव पूरी तरह अकड़ चुका था. इसके बाद उन्होंने लोहे की आरी और ग्राइंडर मशीन की ब्लेड से मृतक के पैरों को काट डाला और मोड़कर बोरे में बंद किया.
जंगल में ले जाकर जलाया: आरोपी शव लदे बोरे को मोटरसाइकिल पर लादकर कानपुर नगर जनपद के थाना रेउना क्षेत्र अंतर्गत घने जंगलों में ले गए. वहाँ साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से शव को आग के हवाले कर दिया.
दस्तावेज और कपड़े फेंके: मृतक की पहचान मिटाने के लिए उसका पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, चश्मा, जूते और मोबाइल तोड़कर जंगल में अलग-अलग जगहों पर फेंक दिए गए. अगले दिन घटना में प्रयुक्त खून से सने कपड़ों और आरी की ब्लेड को अभियुक्त ने अपने खेत में ले जाकर जला दिया.
गिरफ्तार हत्यारे पति-पत्नी का विवरण
पुलिस द्वारा दबोचे गए हत्यारों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है: कामता प्रसाद निषाद (उम्र करीब 30 वर्ष), पुत्र रामकिशुन निषाद. किरन देवी (उम्र करीब 26 वर्ष), पत्नी कामता प्रसाद निषाद. पता: दोनों ग्राम मनकी, थाना कुरारा, जनपद हमीरपुर के मूल निवासी हैं.
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने पूरी विधिक प्रक्रिया के तहत घटनास्थल और जंगलों से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
मृतक विजय निषाद का नर कंकाल एवं अन्य मानव अवशेष. घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल लकड़ी का चौखट. मृतक की मोटरसाइकिल. मृतक से संबंधित पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, चश्मा, मोबाइल के अवशेष, एक जोड़ी जूते, ताबीज, बाल तथा जले हुए कपड़ों के अवशेष. हत्या को अंजाम देने और शव ढोने में प्रयुक्त की गई मोटरसाइकिल. घटना में प्रयुक्त लोहे की आरी, ब्लेड एवं ग्राइंडर मशीन की ब्लेड.
इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करने में थाना बकेवर के इन अधिकारियों व जवानों की मुख्य भूमिका रही: थानाध्यक्ष उ0नि0 तुषार श्रीवास्तव (थाना बकेवर), उ0नि0 ब्रह्मदेव यादव, उ0नि0 रजनीश पाण्डेय, का0 ओमनारायण यादव, का0 रवीन्द्र, रि0का0 अर्जुन, रि0का0 मृत्युंजय यादव, रि0का0 आशीष कुमार, म0का0 मिंकी और रि0म0का0 अनुपम यादव. पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया गया है.





















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