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मजदूरी करने गए युवक की मौत, गांव पहुंचते ही शव से लिपट रो पड़े बूढ़े माता-पिता

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20 दिन पहले ही गया था कमाने, ड्यूटी जाने के दौरान सड़क पर गिरा; मुखिया ने बंधाया ढाढस

न्यूज स्केल लाइव

हंटरगंज (चतरा): चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड क्षेत्र की केदली पंचायत अन्तर्गत बिहारी गांव में मंगलवार की देर शाम उस वक्त कोहराम मच गया, जब देश की राजधानी दिल्ली (गुड़गांव) में मजदूरी करने गए 19 वर्षीय नवयुवक मोहम्मद सूफ़ियान का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा। भीषण गर्मी और तेज धूप (सनस्ट्रोक/लू) के कारण अकाल मौत का शिकार हुए इस युवा मजदूर का शव जैसे ही उसके दरवाजे पर उतरा, पूरा गांव चीख-पुकार से दहल उठा। परिजनों के करुण विलाप और चित्कार को सुनकर सांत्वना देने पहुंचे हर ग्रामीण और राहगीर की आंखें नम हो गईं।

20 दिन पहले ही बूढ़े माता-पिता का सहारा बनने गया था परदेस

भुक्तभोगी परिवार और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बिहारी गांव निवासी मोहम्मद शौकत का 19 वर्षीय पुत्र मोहम्मद सूफ़ियान अत्यंत गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था।

  • जिम्मेदारी का बोझ: वह महज 20 दिन पूर्व अपने बूढ़े माता-पिता और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने तथा पैसे कमाने के लिए दिल्ली के गुड़गांव (गुरुग्राम) गया हुआ था। वहां वह एक निजी जगह पर मजदूरी का काम शुरू किया था।

  • सड़क पर ही हुआ अचेत: बीते सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में जारी भीषण गर्मी के बीच वह रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में अचानक वह तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) की चपेट में आ गया। सरेराह वह अचेत (बेहोश) होकर सड़क पर गिर पड़ा।

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अस्पताल में तोड़ा दम, पीछे छोड़ गया रोते-बिलखते माता-पिता

सूफ़ियान को सड़क पर गिरता देख उसके साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में उसे उठाकर पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान मोहम्मद सूफ़ियान का आकस्मिक और दर्दनाक निधन हो गया।

डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक तापमान और डिहाइड्रेशन (हीट स्ट्रोक) के कारण उसके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। सूफ़ियान के इस असमय निधन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, खुशियां मातम में बदल गईं। वह अपने पीछे रोते-बिलखते बूढ़े माता और पिता को छोड़ गया है, जिनका एकमात्र सहारा अब छिन चुका है।

चीख-पुकार से गूंजा बिहारी गांव, ढाढस बंधाने पहुंचे मुखिया

शव के पास बैठे माता-पिता रोते-रोते बार-बार बेहोश हो जा रहे थे, जिन्हें संभालने में गांव की अन्य महिलाएं और बुजुर्ग जुटे हुए थे। इस मार्मिक और दुखद घटना की सूचना मिलते ही केदली पंचायत के मुखिया अशोक यादव सहित दर्जनों प्रबुद्ध समाजसेवियों और ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

मुखिया अशोक यादव ने शोकाकुल माता-पिता को ढाढस बंधाया और प्रशासन से मांग की है कि प्रवासी मजदूर की कार्यस्थल पर हुई इस असामयिक मौत को देखते हुए पीड़ित गरीब परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग अथवा श्रम नियोजन विभाग की ओर से अविलंब उचित सरकारी मुआवजा व सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। देर रात ही गमगीन माहौल में स्थानीय कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

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