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किशोरी की चाऊमीन खाने के बाद मौत: उल्टी के दौरान सांस की नली में फंसा खाना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

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तनु श्रीवास्तव ने माँ चामुंडा मंदिर के मेले में खाई थी चाऊमीन; लौटते समय हुई उल्टी, अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत; डॉक्टरों ने बच्चों को नूडल्स खिलाते समय सावधानी बरतने की दी सलाह

उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने चाऊमीन और नूडल्स पसंद करने वाले परिवारों को सतर्क कर दिया है। एटा जिले के मिरहची कस्बे की रहने वाली 14 वर्षीय तनु श्रीवास्तव (भावना) की चाऊमीन खाने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि उल्टी के दौरान चाऊमीन का एक टुकड़ा उसकी सांस की नली में फंस गया, जिससे उसकी जान चली गई।

जानकारी के अनुसार, तनु ने नौ दिन का व्रत रखने के बाद सोमवार को अपने परिवार के साथ कासगंज के माँ चामुंडा मंदिर में दर्शन किए थे। मंदिर परिसर में लगे मेले में उसने चाऊमीन और आइसक्रीम खाई थी। वापस लौटते समय शाम करीब 4:30 बजे तनु को अचानक उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश हो गई। परिजन उसे तुरंत कासगंज के कालावती अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

प्रशासन का बयान

एटा के अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) राजेंद्र प्रसाद के अनुसार, ऐसी आशंका है कि उल्टी करते समय चाऊमीन का एक टुकड़ा सांस की नली में चला गया और उसे रोक दिया, जिससे मौत हो गई। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

डॉक्टरों की सलाह: बच्चों को नूडल्स खिलाते समय रखें ये सावधानियां

मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. चंद्रा ने लोगों को चाऊमीन और नूडल्स खाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि खाना निगलते समय अगर भोजन का हिस्सा सांस की नली में चला जाए, तो सांस लेने में परेशानी हो सकती है। लंबे नूडल्स को बिना अच्छी तरह चबाए निगलने से भी जोखिम पैदा हो सकता है। बच्चों में यह खतरा अधिक गंभीर हो सकता है, क्योंकि कम उम्र में चबाने और निगलने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती।

जरूरी सावधानियां:

  1. छोटे-छोटे निवाले दें: बच्चों को एक बार में बहुत अधिक नूडल्स न दें। उनकी उम्र के अनुसार भोजन को छोटे टुकड़ों में तैयार करें।

  2. बैठाकर खाना खिलाएं: बच्चों को चलते-फिरते, दौड़ते या खेलते हुए खाना न खाने दें।

  3. अच्छी तरह चबाने की आदत डालें: बच्चों को धीरे-धीरे खाने और भोजन को अच्छी तरह चबाकर निगलने के लिए प्रोत्साहित करें।

  4. खाते समय हंसने-बोलने से बचाएं: मुंह में खाना होने पर जोर-जोर से बोलने, हंसने या जल्दबाजी करने से बचना चाहिए।

  5. बच्चों पर नजर रखें: छोटे बच्चों को खाते समय अकेला न छोड़ें।

गले में खाना फंसने पर क्या करें?

अगर कोई व्यक्ति खांस पा रहा है और सांस ले सकता है, तो उसे खांसने के लिए प्रोत्साहित करें। लेकिन अगर वह सांस नहीं ले पा रहा, बोल नहीं पा रहा या दम घुटने के गंभीर संकेत दिख रहे हैं, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलाएं। प्रशिक्षित व्यक्ति जरूरत के मुताबिक पीठ पर प्रहार या पेट पर दबाव देने वाली प्राथमिक उपचार तकनीक का इस्तेमाल कर सकता है। एक साल से कम उम्र के शिशुओं के लिए तरीका अलग होता है। बिना प्रशिक्षण के गलत तरीके से मदद करने की कोशिश न करें।

यह घटना याद दिलाती है कि खाते समय होने वाली छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। इसलिए बच्चों को नूडल्स या कोई भी ऐसा भोजन देते समय सावधानी बरतें, जिससे उन्हें चबाने या निगलने में परेशानी हो सकती है।

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