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28 सितंबर को वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का सड़क पर उतरने का ऐलान

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समाहरणालय तक निकलेगा मार्च, उपायुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन

चतरा, संवाददाता। वोट चोरी के आरोपों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के निर्देश पर 28 सितंबर 2026 को चतरा जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में जोरदार विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।

सर्किट हाउस से समाहरणालय तक निकलेगा मार्च

कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता चतरा सर्किट हाउस से मार्च निकालते हुए समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय पहुंचेंगे, जहां उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।

प्रेस वार्ता में प्रवक्ता मो. कौशर रजा ने रखी पार्टी की बात

इससे पूर्व परिसदन में वोट चोरी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा रविवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. कौशर रजा शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पार्टी कई वर्षों से देश की चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची में गड़बड़ियों तथा वोट चोरी के मुद्दे को लगातार जनता और संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष उठाती रही है।

2019 से उठ रहे सवाल, राहुल गांधी ने भी उठाया मुद्दा

उन्होंने बताया कि 2019 के बाद से यह बार-बार सवाल उठाया जाता रहा है कि किस प्रकार मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि पार्टी नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को लगातार देश के सामने रखा है और 2024 के चुनावों के बाद विशेष रूप से मतदाता सूची में संदिग्ध तरीके से नाम जोड़ने-हटाने के मामलों से जुड़े दस्तावेज व प्रमाण प्रस्तुत किए हैं।

निर्वाचन आयोग से डाटा सार्वजनिक करने की मांग

उन्होंने बताया कि कांग्रेस की मांग है कि निर्वाचन आयोग चुनावी डाटा व संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुखविंदर सिंह संधु व विवेक जोशी ने लगभग 10 माह में कम से कम 14 बार लिखित रूप से आयोग द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों व प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज कराई है।

“SIR मताधिकार से जुड़ा मुद्दा” — प्रवक्ता

प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पार्टी लंबे समय से एसआईआर को इसलिए चुनौती देती रही है क्योंकि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया सीधे नागरिकों के मताधिकार से जुड़ी है।

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