Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

कस्तूरबा स्कूल में प्रशासनिक संवेदनहीनता की हदें पार: दूषित भोजन और टंकी का खौलता पानी पीने से 100 से अधिक छात्राएं बीमार; नैना और काजल की हालत नाजुक

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

वॉर्डन और एकाउंटेंट के गायब रहने पर गार्ड के भरोसे था हॉस्टल, बीमार बच्चियों को अंदर बंद रख परिजनों को घंटों रुलाया; पीएचसी में मची चीख-पुकार

न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो

गढ़वा। गढ़वा जिले के खरौंधी प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (KGBV) में शुक्रवार को प्रशासनिक और मानवीय संवेदनहीनता की सारी हदें पार हो गईं। स्कूल प्रबंधन के घोर कुप्रबंधन, दूषित भोजन (Food Poisoning) और इस भीषण गर्मी में छत पर रखी प्लास्टिक की टंकी का खौलता हुआ पानी पीने को विवश होने के कारण 100 से अधिक छात्राएं एक साथ गंभीर रूप से बीमार हो गईं। कुल 300 छात्राओं वाले इस प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालय में लापरवाही का आलम यह था कि इतनी बड़ी आपातकालीन घटना के वक्त हॉस्टल पूरी तरह से सिर्फ एक सुरक्षा गार्ड के भरोसे छोड़ दिया गया था. मौके से न तो स्कूल की वॉर्डन उपस्थित थीं और न ही एकाउंटेंट।

मामले को दबाने की कोशिश, परिजनों को बंधक बनाकर मुख्य द्वार पर घंटों गिड़गिड़ाने पर किया मजबूर

गंभीर आरोप हैं कि शुक्रवार की शाम से ही छात्राओं की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी थी, लेकिन विद्यालय प्रबंधन अपनी नाकामी छुपाने के लिए पूरे मामले को अंदर ही अंदर दबाने में जुटा रहा। जब बच्चियों की हालत बेहद खराब होने लगी और कहीं से भनक मिलने पर बदहवास व डरे-सहमे अभिभावक हॉस्टल पहुंचे, तो संवेदनहीन प्रबंधन ने घंटों तक स्कूल का मुख्य लोहे का दरवाजा (मेन गेट) बंद रखा।

परिजनों को तड़प रही अपनी ही मासूम बच्चियों से मिलने और उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए मुख्य द्वार पर घंटों गिड़गिड़ाना पड़ा और भारी हंगामा करना पड़ा। बाद में स्थिति को अनियंत्रित और बिगड़ती देख स्थानीय थाना प्रभारी को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस की कड़ी डांट और सख्ती पर हॉस्टल का मुख्य दरवाजा खोला जा सका।

दोपहर में मिला ‘पुआ-चावल’, भीषण गर्मी में मोटर चलाने के लिए नहीं चालू किया जेनरेटर

अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती पीड़ित छात्राओं ने रोते हुए विद्यालय की आंतरिक बदहाली की पोल खोली। छात्राओं ने बताया कि:

“शुक्रवार की दोपहर उन्हें छात्रावास की रसोई में खाने के लिए ‘पुआ’ और भात (चावल) दिया गया था। मुहर्रम त्योहार को लेकर पूरे क्षेत्र में बिजली कटी हुई थी। भीषण गर्मी के कारण छत पर रखी प्लास्टिक की सिनटेक्स टंकी का पानी खौल रहा था। प्यास बुझाने के लिए हम सभी छात्राओं को वही उबलता हुआ गर्म पानी पीना पड़ा। इसके बाद शाम को मुरही (मुरमुरा) का नाश्ता देने के बाद भी हमें पीने के लिए साफ या सामान्य पानी नसीब नहीं हुआ।”

शाम ढलते-ढलते एक-एक कर हॉस्टल की लगभग 75 प्रतिशत छात्राएं पेट में तेज दर्द, मरोड़, उल्टी और सिर चकराने की शिकायत के साथ जमीन पर गिरने लगीं। छात्राओं का सीधा आरोप है कि परिसर में भारी-भरकम जेनरेटर की व्यवस्था है, लेकिन पानी का मोटर चलाने या उन्हें उमस से राहत देने के लिए प्रबंधन द्वारा उसका उपयोग नहीं किया गया।

देर रात अस्पताल में भर्ती, नैना और काजल की स्थिति अत्यंत गंभीर

शुक्रवार की देर रात लगभग 9:00 बजे जब कस्तूरबा स्कूल के भीतर स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई, तब जाकर बीमार बच्चियों को आनन-फानन में वाहनों से लोड कर इलाज के लिए भवनाथपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) लाया गया। अस्पताल में वर्तमान में 20 से अधिक छात्राओं की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

अस्पताल की बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रही मुख्य पीड़ित छात्राओं में मुख्य रूप से नैना, काजल, देवरानी कुमारी, रूपा कुमारी, विनीता कुमारी, रौशनी कुमारी और चंदा कुमारी शामिल हैं, जिनमें से नैना और काजल की स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिन पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।

             खरौंधी कस्तूरबा स्कूल फूड प्वाइजनिंग: मुख्य विवरण
┌───────────────────────────────┬────────────────────────────────┐
│ मुख्य घटनास्थल                │ कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, खरौंधी (गढ़वा)│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ कुल बीमार छात्राएं            │ 100 से अधिक (करीब 75% छात्राएं प्रभावित)│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ बीमारी का मुख्य कारण          │ दूषित पुआ-चावल और टंकी का खौलता पानी पीना│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ नाजुक स्थिति में छात्राएं     │ नैना और काजल (कुल 20+ की हालत गंभीर) │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ मुख्य प्रशासनिक कमान          │ बीडीओ नंद जी राम एवं अंचलाधिकारी शंभू राम│
└───────────────────────────────┴────────────────────────────────┘

अस्पताल पहुंचे बीडीओ और सीओ, वॉर्डन व एकाउंटेंट पर विभागीय कार्रवाई की मांग

सामूहिक फूड प्वाइजनिंग की इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही भवनाथपुर बीडीओ नंद जी राम और अंचलाधिकारी (CO) शंभू राम अविलंब रात में ही भवनाथपुर पीएचसी अस्पताल पहुंचे। दोनों आला अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभालते हुए डॉक्टरों को मुस्तैद किया और रातभर अस्पताल में रहकर स्थिति की मॉनिटरिंग की।

भवनाथपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला पूरी तरह से फूड प्वाइजनिंग और अत्यधिक लू व गर्मी में दूषित या गर्म पानी पीने का है। अस्पताल में भर्ती सभी 100 से अधिक छात्राओं का आपातकालीन स्तर पर इलाज शुरू कर जरूरी दवाइयां, एंटीबायोटिक्स और स्लाइन (Glucoses) चढ़ाई जा रही है, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

इधर, इस पूरी भयावह घटना के बाद से पीड़ित छात्राओं के अभिभावकों, विभिन्न छात्र संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों में विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ भारी जनाक्रोश व्याप्त है। उग्र ग्रामीणों ने कस्तूरबा स्कूल की लापरवाह वॉर्डन, एकाउंटेंट की अनुपस्थिति और बच्चों को बंधक की तरह बंद रखने वाले दोषियों पर तत्काल क्रिमिनल केस (FIR) दर्ज कर कानूनी और सख्त विभागीय कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

मुहर्रम जुलूस के बाद घर में घुसकर चाकूबाजी; किशोर की मौत, चाचा गंभीर रूप से घायल

चतरा जिला परिवहन विभाग का बड़ा फैसला: 1 जुलाई से प्रखंड और पंचायत स्तर पर लगेंगे ड्राइविंग लाइसेंस शिविर; देखें अपने क्षेत्र की तारीख और क्लस्टर सूची

न बारिश न आंधी, फिर भी अचानक मुख्य मार्ग पर भरभरा कर गिरा पेड़ का विशाल डाल; बाल-बाल बचा बाइक चालक

पेट्रोल-डीजल संकट के बीच मुनाफाखोरी का खेल! डीसी दफ्तर के पास पेट्रोल पंप बना चर्चा का केंद्र; ऊंचे दामों पर तेल बेचने की जांच की मांग

सांसद कालीचरण सिंह का बड़ा कदम: अनीता देवी बाल विकास और रविंद्र भारती बनाए गए स्वास्थ्य विभाग के सांसद प्रतिनिधि

संदिग्ध परिस्थिति में अज्ञात महिला का शव बरामद: थाना प्रभारी ने संभाली कमान; शिनाख्त के लिए पुलिस ने जारी की अपील

Leave a Comment