पंप पर कालाबाजारी का आरोप, सोशल मीडिया पर जर्किनों में तेल भरने की तस्वीरें वायरल; आम जनता परेशान
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
चतरा। चतरा जिला मुख्यालय सहित शहरी क्षेत्र में पिछले दो दिनों से जारी पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत के बीच एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ईंधन संकट से त्रस्त आम जनता जहां बूंद-बूंद तेल के लिए तरस रही है, वहीं उपायुक्त (DC) कार्यालय के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप अचानक से गंभीर आरोपों और चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही कुछ तस्वीरों के आधार पर यह गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं कि पेट्रोल पंप परिसर के भीतर आम उपभोक्ताओं को कतार में खड़ा रख, चोरी-छिपे बड़े-बड़े जर्किनों में पेट्रोल भरकर निर्धारित सरकारी मूल्य से काफी अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है।
संकट का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी का आरोप, उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश
स्थानीय भुक्तभोगी उपभोक्ताओं और प्रत्यक्षदर्शियों का साफ तौर पर कहना है कि चतरा शहर में अचानक उत्पन्न हुए ईंधन संकट का फायदा उठाकर कथित रूप से पेट्रोल की बड़े पैमाने पर कालाबाजारी (Black Marketing) की जा रही है, जिससे आम बाइक और कार चालकों में जिला प्रशासन और पंप प्रबंधन के खिलाफ भारी नाराजगी व आक्रोश बढ़ गया है। लोगों का आरोप है कि जब जिला प्रशासन को संकट के समय राशनिंग (सीमित वितरण) लागू करनी चाहिए थी, तब कुछ रसूखदार और मुनाफाखोर लोग अधिक कीमत वसूलकर आपदा में अवसर तलाश रहे हैं।
जगदेव लिट्टी दुकान के पास स्थित पंप का है मामला, वायरल तस्वीरों से मचा हड़कंप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवादित मामला शहर के प्रसिद्ध जगदेव लिट्टी दुकान के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप से जुड़ा बताया जा रहा है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुई तस्वीरों में पेट्रोल पंप के नोजल से सीधे गाड़ियों के बजाय बड़ी संख्या में रखे प्लास्टिक के जर्किनों और ड्रमों में ईंधन भरने से संबंधित सामग्री साफ तौर पर दिखाई दे रही है।
इन तस्वीरों के सार्वजनिक होने के बाद चतरा के जागरूक नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
चतरा पेट्रोल किल्लत एवं कालाबाजारी आरोप: एक नजर में
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│ मुख्य प्रभावित क्षेत्र │ चतरा शहर (पिछले दो दिनों से ईंधन संकट)│
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│ आरोपों के घेरे में पंप │ डीसी कार्यालय व जगदेव लिट्टी दुकान के समीप│
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│ मुख्य शिकायत/आरोप │ जर्किनों में अवैध भंडारण व निर्धारित से अधिक रेट│
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│ वर्तमान स्थिति │ सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल, जांच की मांग जारी│
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│ प्रशासनिक पक्ष │ जिला आपूर्ति विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार│
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प्रशासनिक बयान का इंतजार, जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रहे इन गंभीर आरोपों की ‘न्यूज़ स्केल’ स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। समाचार लिखे जाने तक संबंधित पेट्रोल पंप प्रबंधन अथवा जिला प्रशासन (आपूर्ति विभाग) की ओर से इस संवेदनशील विषय पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान सामने नहीं आया है।
वर्तमान में चतरा की जनता की नजरें जिला प्रशासन और उपायुक्त के रुख पर टिकी हैं। प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन की जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, जांच प्रक्रिया पूरी होने तक इस पूरे घटनाक्रम को महज एक आरोप और शिकायत के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

























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