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5 फरवरी को दिल्ली विधानसभा के लिए मतदान, 8 फरवरी को परिणाम, त्रिकोणीय मुकाबला के असार, दिल्ली विधानसभा में जादुई आंकड़ा 36

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दिल्ली। चुनाव आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी। राष्ट्रीय राजधानी में 5 फरवरी को एक चरण में मतदान होगा और 8 फरवरी को मतगणना होगी।

दिल्ली विधानसभा में जादुई आंकड़ा 36

दिल्ली विधानसभा में जादुई आंकड़ा 36 है। चुनाव आयोग ने दिल्ली के लिए नई संशोधित मतदाता सूची जारी की है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो महीनों में मतदाता आधार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्टूबर 2024 में, कुल मतदाताओं की संख्या 1,53,57,529 थी। हालांकि, संक्षिप्त संशोधन के बाद यह संख्या बढ़कर 1,55,24,858 हो गई है, जिसमें दिसंबर 2024 तक 1,67,329 नए मतदाता जुड़ें हैं।

70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त

ज्ञात हो कि दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त होने जा रहा है। ऐस में नए सदन के गठन के लिए उससे पहले चुनाव होने हैं। राष्ट्रीय राजधानी में पारंपरिक रूप से एक चरण में विधानसभा चुनाव होते रहे हैं। इस बार भी एक चरण में मतदान होगा।

त्रिकोणीय मुकाबला

राष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ आप और विपक्षी भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा। आम आदमी पार्टी (आप) लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। पिछली बार विधानसभा की कुल 70 सीटों में से इसने 62 सीटें जीती थी। बाकी सीटें भाजपा ने जीती।

सत्ता में एक और कार्यकाल सुरक्षित करने के कोशिश में आप

आप, जो पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई नेताओं के भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार होने के बाद अपनी जमीन हिलती हुई पा रही है, दिल्लीवासियों को कई वादों के साथ लुभाने की कोशिश कर रही है। धार्मिक कार्ड खेलने से लेकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने की कोशिश तक, आप अपना आधार और सत्ता में एक और कार्यकाल सुरक्षित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

आप के आधार में सेंध लगाने को तैयार भाजपा

वहीं दूसरी ओर, भाजपा आप और उसके संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को हवा दे रही है। वह आप के आधार में सेंध लगाने और सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल हासिल करने की कोशिश कर रही है। भाजपा 1998 से दिल्ली की सत्ता से बाहर है और अब इस सूखे को खत्म करने की कोशिश कर रही है।

राष्ट्रीय राजधानी में वापसी करने को लेकर उत्सुक कांग्रेस

जबकि कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में वापसी करने को लेकर उत्सुक है। पिछले दो विधानसभा चुनावों में दिल्ली के मतदाताओं द्वारा खारिज किए जाने के बाद, कांग्रेस आगामी चुनावों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की बेताबी से कोशिश कर रही है। इसने महिला मतदाताओं को लक्षित किया है, जिनके लिए उसने ‘प्यारी दीदी योजना’ की घोषणा की है, जिसमें पात्र लोगों को 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया है।

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