नक्सलियों द्वारा मारे गए पिता-पुत्र के अंतिम संस्कार ग्रामीण नहीं हुए शामिल
न्यूज स्केल संवाददाता
चतरा/कुंदा। ग्रामीणों में दहस्त का आलम ऐसा था कि टीएसपीसी नक्सलियों द्वारा मारे गए कुंदा थाना क्षेत्र के अति नक्सल प्रभावित हिंदियाकला निवासी पंकज बिरहोर व पिता बिफन बिरहोर के अंतिम संस्कार में ग्रामीण शामिल ही नहीं हुए। ज्ञात हो कि शनिवार रात दोनो की हत्या टीएसपीसी के नक्सलियों द्वारा निर्ममतापूर्वक कर दी गई थी। रविवार को पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम कराने के उपरांत परिजनों को सौंप दिया। वहीं बीते देर शाम दोनों का अंतिम संस्कार घने जंगल स्थित पूर्णापानी नदी स्थित श्मशान घाट पर किया गया। दुसरी ओर अंतिम संस्कार में नक्सलियों के भय से गांव तो दुर समाज के लोगों ने भी सहयोग नहीं किया। नक्सलियों के खौफ का कही परिणाम था कि दोनो के अंतिम संस्कार में परिजन समेत लगभग एक दर्जन लोग ही शामिल थे। परिजनों का कहना था कि अंतिम संस्कार में बुलाने पर भी समाज व गांव के लोगों को नहीं शामिल हुए। कुछ ने तो बहाना बनाया, तो कई अंतिम संस्कार से पूर्व गांव छोड़ दुसरे गांव चले गये थे। ज्ञत हो कि हिंदियाकला गांव में बैगा बिरहोर समाज के करीब 150 लोगों के अलावे अन्य जाति के लोग निवास करते हैं।























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