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Chatra/Tandwa: सीसीएल द्वारा भू-अधिग्रहण पर मुआवजा में असमानता, आंदोलन की तैयारी

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सीसीएल द्वारा भू-अधिग्रहण पर मुआवजा में असमानता, आंदोलन की तैयारी

टंडवा (चतरा)। जिले के टंडवा थाना क्षेत्र में संचालित सीसीएल की कोल परियोजनाओं का विस्तारीकरण के लिए औने-पौने मुआवजा देकर किए जा रहे भू-अधिग्रहण पर अब विरोध के स्वर उभरने लगे हैं। विरोध का आधार भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 है। भू रैयतों का कहना ळै कि जब इसी अधिनियम के तहत अधिसूचना कोयला धारक अधिनियम (अर्जन एवं विकास) 1957 (सीबीए, ए एंड डी एक्ट 1957) के तहत नोटिफिकेशन संख्या 1244 ई 17 मार्च 21 के आलोक में हजारीबाग जिले के डाडी थाना क्षेत्र के गिद्दी में जगदीश साव, बिगन साव, गुंजा साव, अमृत साव, कार्तिक महतो व अन्य को प्रति 1 डिसमिल जमीन का आकलन  2 लाख 54 हजार चार सौ अस्सी रुपए किए गए थे। जिसपर सीसीएल ने अपनी ओर से विभिन्न समाचार पत्रों में दावा-वाद की सूचना भी प्रकाशित कराया था। दूसरी ओर टंडवा में हुए भूमि अधिग्रहण में महज प्रति डिसमिल महज 9 से 10 हजार के बीच हीं है। इस मामले में दुर्गा सोरेन सेना के जिला महासचिव संतोष नायक ने बताया कि सीसीएल भू रैयतों को गुमराह कर अपना हित साध रही है। महेश महतो ने बताया कि जानकारी के अभाव यहां के भू-दाताओं को सीसीएल व अन्य कंपनियां गुमराह कर चंद मुआवजा और नौकरी देकर उन्हें गुलाम बना रही है। मामले पर आम्रपाली परियोजना के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय स्तर पर मुआवजा अलग-अलग होता है।

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