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महानवमी पर एक शाम माँ के नाम काव्य महोत्सव: कवियों ने नारी शक्ति, राष्ट्रप्रेम और भक्ति से बांधा समां

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दुर्गा पूजा पंडाल में आयोजित भव्य साहित्यिक संध्या; डॉ. सुशीला कुमारी ‘राजराजेश्वरी’, डॉ. रविकांत शुभम और सतीश कुमार मिश्र ने दी शानदार प्रस्तुतियां; मां सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ

चतरा (झारखंड), 21 अक्टूबर 2026: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड अंतर्गत करनी चौक स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में महानवमी की संध्या ‘एक शाम माँ के नाम’ भव्य काव्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में मां दुर्गा की आराधना के साथ काव्य, भक्ति और साहित्य की त्रिवेणी प्रवाहित हुई।

मां सरस्वती वंदना से शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मंच संचालन एवं मां सरस्वती वंदना के साथ डॉ. सुशीला कुमारी राजेश्वरी ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, नारी शक्ति, सामाजिक सद्भाव तथा साहित्यिक चेतना को प्रोत्साहित करना रहा। कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं के माध्यम से मां दुर्गा की महिमा, शक्ति स्वरूपा नारी, राष्ट्रप्रेम और मानवीय मूल्यों को अभिव्यक्त किया।

कवियों की शानदार प्रस्तुतियां

काव्य महोत्सव में तीन प्रमुख कवियों ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को साहित्यिक गरिमा प्रदान की:

  • डॉ. सुशीला कुमारी ‘राजराजेश्वरी’ ने मंच संचालन के साथ-साथ अपनी कविताओं ‘लड़कियां’ और ‘मुनिया के माय’ के माध्यम से नारी जीवन, संवेदना और सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

  • डॉ. रविकांत शुभम ने अपनी देशभक्ति रचना ‘नमामि नमामि’ प्रस्तुत कर श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की।

  • सतीश कुमार मिश्र ने मां दुर्गा की स्तुति भक्ति-भाव से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।

साहित्य और संस्कृति का संदेश

इस नवरात्र के पावन वातावरण में आयोजित इस महोत्सव ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ावा देने का संदेश दिया। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक विचारों, सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक एकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा देने, संस्कारों को सहेजने और मानवीय संवेदनाओं को जागृत करने का सशक्त माध्यम भी है।

इस मौके पर पूर्व मुखिया भुनेश्वर प्रसाद सिंह, सीताराम दांगी, यशवंत सिंह समेत भारी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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