लोटरडैम सूर्य मंदिर के समक्ष विधि-विधान से संपन्न हुआ अनुष्ठान, बोले – “पितरों का तर्पण जड़ों से जुड़े रहने और पारिवारिक मूल्यों को सहेजने का माध्यम”
गिद्धौर (चतरा, झारखंड)। पितरों के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण के पावन पर्व पितृपक्ष के अवसर पर गिद्धौर प्रखंड के अंचल अधिकारी अनंत सयनम विश्वकर्मा ने मंगलवार को गहरी आस्था और श्रद्धा के साथ अपने पितरों का तर्पण किया। सनातन परंपरा के अनुसार, इस पावन पक्ष में पूर्वजों को जल अर्पित करने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी हर घर में जीवंत है, जिसका पालन करते हुए सीओ ने भी अपने पितरों को नमन किया।
सूर्य मंदिर के समक्ष हुआ विधि-विधान से तर्पण
सुबह स्नान-ध्यान कर पवित्र होने के बाद उन्होंने लोटरडैम सूर्य मंदिर के समक्ष विधि-विधान से तर्पण संपन्न किया। अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के इस शुभ अवसर पर उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता, दादा और परदादा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें जल अर्पित किया। इसके पश्चात उन्होंने अपने स्वर्गीय नाना, चाचा सहित अन्य पूर्वजों एवं परिजनों का भी विधिवत तर्पण किया।
“आस्था और कृतज्ञता का पावन प्रतीक है पितृपक्ष”
इस अवसर पर सीओ अनंत सयनम विश्वकर्मा ने कहा कि पितृपक्ष सनातन संस्कृति में आस्था और कृतज्ञता का पावन प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पक्ष में विधि-विधान से पितरों को जल अर्पित कर तर्पण करने से पितृगण प्रसन्न होते हैं और अपने वंशजों को सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं शांति का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि पूर्वजों के प्रति यह श्रद्धांजलि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने और पारिवारिक मूल्यों को सहेजने का भी एक सुंदर माध्यम है।
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