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झारखंड राज्य अध्ययन रिपोर्ट का जिला स्तरीय विमोचन एवं साझाकरण कार्यक्रम संपन्न

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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), चिरी, लोहरदगा में TLPS 2025 झारखंड राज्य अध्ययन रिपोर्ट का जिला स्तरीय विमोचन एवं साझाकरण कार्यक्रम संपन्न:-

 

लोहरदगा, 27 जुलाई। जिला शिक्षा परियोजना (JEP – लोहरदगा) एवं Language and Learning Foundation (LLF) के सहयोग से आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), चिरी, लोहरदगा** में Teaching Learning Practices Survey (TLPS) 2025 की झारखंड राज्य अध्ययन रिपोर्ट के जिला स्तरीय विमोचन एवं साझाकरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अध्ययन से प्राप्त प्रमुख निष्कर्षों को शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शैक्षणिक सहयोगी तंत्र एवं अन्य हितधारकों के साथ साझा करते हुए विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर सामूहिक चर्चा करना था।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधीक्षक सह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, लोहरदगा, श्री अभिजीत कुमार, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मोनिदीपा बनर्जी एवं अन्य अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं झारखंड राज्य TLPS 2025 अध्ययन रिपोर्ट के औपचारिक विमोचन के साथ किया गया।

 

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, मोनिदीपा बनर्जी, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी, एमलीन सुरिन,एल एल एफ की प्रतिनिधि इप्सिता मिश्रा, LLF राज्य टीम से बिमलेश कुमार, शैलेन्द्र कुमार, डायट के संकाय सदस्य, पलाश बहुभाषी शिक्षा कार्यक्रम से जुड़े बीआरपी तथा सीआरपी,चयनित शिक्षकगण तथा विभिन्न सिविल सोसायटी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम के दौरान TLPS 2025 झारखंड राज्य अध्ययन रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों को विस्तारपूर्वक प्रस्तुत किया गया। रिपोर्ट में कक्षा-कक्ष में अपनाई जा रही शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं, बच्चों की सहभागिता, शिक्षक-विद्यार्थी संवाद, भाषा एवं गणित शिक्षण की प्रभावी रणनीतियों, शिक्षण-अधिगम सामग्रियों के उपयोग तथा आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) को सुदृढ़ करने वाले व्यवहारों पर विशेष प्रकाश डाला गया। साथ ही अध्ययन से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने हेतु आवश्यक सुझाव एवं अनुशंसाएँ भी साझा की गईं।

 

अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिला शिक्षा अधीक्षक, लोहरदगा अभिजीत कुमार ने कहा कि TLPS 2025 केवल एक अध्ययन रिपोर्ट नहीं, बल्कि विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने का एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक दस्तावेज़ है। उन्होंने जिले के सभी बीआरपी एवं सीआरपी से अपेक्षा की कि वे अपने नियमित विद्यालय भ्रमण के दौरान रिपोर्ट में उल्लिखित प्रभावी Teaching Learning Practices के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दें। शिक्षकों को सतत शैक्षणिक सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यदि इन शिक्षण व्यवहारों को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू किया जाता है, तो बच्चों के Foundational Literacy and Numeracy (FLN) अधिगम परिणामों में निश्चित रूप से सकारात्मक सुधार होगा तथा लोहरदगा जिला राज्य में अधिगम उपलब्धियों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

 

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों के साथ अध्ययन रिपोर्ट के विभिन्न आयामों पर संवादात्मक चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा विद्यालय स्तर पर रिपोर्ट की अनुशंसाओं को व्यवहार में लागू करने हेतु व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम वातावरण के निर्माण में शिक्षा विभाग, शैक्षणिक सहयोगी तंत्र, शिक्षक एवं अन्य हितधारकों की साझा भूमिका पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

 

कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समन्वय में Language and Learning Foundation (LLF) के जिला कार्यक्रम समन्वयक निखिल कुमार, कंचन भगत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सभी संबंधित हितधारकों को एक साझा मंच पर लाते हुए TLPS 2025 झारखंड राज्य अध्ययन रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्षों को जिले के शैक्षणिक परिप्रेक्ष्य से जोड़कर प्रस्तुत किया तथा अध्ययन से प्राप्त सीखों को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि विभिन्न हितधारकों के समन्वित प्रयासों से जिले में शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है, जिससे बच्चों के सीखने के परिणामों में सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित होगा।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने TLPS 2025 से प्राप्त निष्कर्षों एवं अनुशंसाओं को विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने तथा प्रत्येक बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

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