प्रार्थी की पुख्ता शिकायत पर जाल बिछाकर स्पेशल टीम ने दबोचा, घूसखोर अफसरों में मचा हड़कंप
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
सिमडेगा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) रांची द्वारा बुधवार को सिमडेगा जिले के केरसई प्रखंड में की गई बड़ी कार्रवाई की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आ गई है। इस प्रामाणिक विवरण ने शिक्षा विभाग के ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर (BPO) अनिल खलखो द्वारा मध्याह्न भोजन (MDM) योजना में किए जा रहे भ्रष्टाचार के खेल को पूरी तरह उजागर कर दिया है। घूसखोर अधिकारी को बीआरसीसी (BRCC) कार्यालय केरसई से 8,000 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया था।
यह है भ्रष्टाचार का पूरा मामला: अंडा-फलाहार बजट में मांगी थी लेवी
आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस पूरे मामले के परिवादी (प्रार्थी) रंजीत खाखा (पिता— स्वर्गीय अरुण खाखा, निवासी— ग्राम-टैंसोर नवाटोली, थाना-केरसई, जिला-सिमडेगा) हैं। रंजीत खाखा के विद्यालय में मध्याह्न भोजन (MDM) योजना के तहत बच्चों को अंडा एवं फलाहार खिलाने के मद में लगभग 1,25,394 रुपये की राशि आवंटित की गई थी। इसके साथ ही पूर्व वित्तीय वर्ष 2024-25 की बची हुई राशि 17,244 रुपये थी, जिसे मिलाकर कुल फंड 1,42,638 रुपये होता था।
इस कुल राशि में से वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विद्यालय में अंडा एवं फलाहार पर लगभग 1,09,212 रुपये खर्च हुए। इसके बाद विद्यालय के खाते में शेष बची राशि लगभग 33,426 रुपये थी। नियमानुसार, प्रार्थी रंजीत खाखा इस बची हुई राशि का उपयोगिता प्रतिवेदन (रिपोर्ट) तैयार कर जमा करने के लिए बीआरसीसी (BRCC) कार्यालय केंद्र केरसई गए थे।

₹15 हजार की डिमांड, अन्यथा ‘कार्रवाई’ की दी थी धमकी
कार्यालय में कार्यरत अभियुक्त बीपीओ अनिल खलखो ने प्रार्थी के प्रतिवेदन को देखने के बाद साफ तौर पर कह दिया कि: “इस बची हुई शेष राशि में से 15,000 रुपये (पन्द्रह हजार) मुझे बतौर कमीशन देने होंगे। यदि यह राशि नहीं दी गई, तो प्रतिवेदन रिजेक्ट कर दिया जाएगा और आपके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के लिए वरीय पदाधिकारियों को पत्र लिख दिया जाएगा।”
प्रार्थी रंजीत खाखा सरकारी राशि को घूस के रूप में देकर गलत काम नहीं करना चाहते थे। उन्होंने जब बीपीओ से रिश्वत की राशि कम करने का अनुरोध किया, तो दोनों के बीच 8,000 रुपये (आठ हजार) देने की बात फाइनल (तय) हुई।

सत्यापन में खुली पोल, दर्ज हुआ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा
रिवत तय होने के बाद प्रार्थी ने इसकी लिखित सूचना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) रांची को दी। एसीबी के अधिकारियों द्वारा इस आवेदन का विधिवत एवं गोपनीय भौतिक सत्यापन कराया गया। सत्यापन के क्रम में यह बात सौ फीसदी सत्य पाई गई कि बीपीओ अनिल खलखो द्वारा अवैध रूप से 8,000 रुपये की घूस मांगी जा रही है।
सत्यापन प्रतिवेदन के आधार पर एसीबी रांची थाने में कांड संख्या- 12/2026, दिनांक 23.06.2026 के तहत धारा-7(a) भ्रष्टाचार निवारण (संशोधित) अधिनियम 2018 के अंतर्गत प्राथमिक प्राथमिकी दर्ज की गई।

एसीबी रांची प्रेस विज्ञप्ति: मुख्य वित्तीय आंकड़े
┌──────────────────────────────────┬────────────────────────────────┐
│ कुल आवंटित फंड (MDM) │ ₹1,42,638 (पूर्व शेष सहित) │
├──────────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ अंडा-फलाहार पर कुल खर्च │ ₹1,09,212 │
├──────────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ प्रतिवेदन की बची शेष राशि │ ₹33,426 │
├──────────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ प्रारंभिक घूस की मांग │ ₹15,000 │
├──────────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ रंगे हाथों जब्ती (डील राशि) │ ₹8,000 (24.06.2026 को ट्रैप) │
└──────────────────────────────────┴────────────────────────────────┘
24 जून को अखाड़े में टूटी टीम, चल रही है अग्रतर कार्रवाई
प्राथमिकी दर्ज करने के ठीक अगले ही दिन यानी दिनांक 24.06.2026 को एसीबी रांची की धावा दल टीम ने केरसई स्थित बीआरसीसी कार्यालय में दबिश दी। जैसे ही बीपीओ अनिल खलखो ने प्रार्थी से रिश्वत के रूप में 8,000 रुपये (आठ हजार) अपने हाथ में लिए, वैसे ही टीम ने घेराबंदी कर उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। विवरण के अनुसार, अभियुक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत अग्रतर कानूनी कार्रवाई और कड़ाई से अनुसंधान जारी है।






















Total Users : 1036718
Total views : 2822639