झारखंड राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग से ढहा इंडिया’ गठबंधन का किला! रिलायंस के परिमल नथवानी की हैट्रिक, झामुमो के बैद्यनाथ राम भी पहुंचे संसद
रांची। झारखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर आ रही है, जिसने पूरे देश का राजनीतिक ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विधानसभा में भारी सियासी उठापटक और कड़े मुकाबले के बीच एनडीए (NDA) समर्थित दिग्गज निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी प्रणव झा को करारी शिकस्त दे दी है।
यह नतीजा बेहद चौंकाने वाला और विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि संख्या बल के हिसाब से गठबंधन के पास दोनों सीटों पर आसानी से जीत दर्ज करने के लिए पर्याप्त बहुमत था। इसके बावजूद भीतरघात और क्रॉस वोटिंग की वजह से कांग्रेस के हाथ से दूसरी सीट निकल गई। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम अपनी मजबूत रणनीति के बदौलत आसानी से चुनाव जीतकर संसद के उच्च सदन पहुंचने में सफल रहे।
वोटों का पूरा समीकरण: कांग्रेस को मिले सिर्फ 20 मत
81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में हुए इस दिलचस्प मुकाबले का गणित गठबंधन की आंतरिक कमजोरी को उजागर करता है:
बैद्यनाथ राम (JMM): झामुमो के मजबूत कैडर और गठबंधन के एक धड़े के समर्थन से इन्हें सबसे अधिक 30 वोट मिले और इन्होंने एकतरफा जीत दर्ज की।
परिमल नथवानी (निर्दलीय): रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह से जुड़े नथवानी के पक्ष में कुल 30 विधायकों ने वोट डाले थे। हालांकि, तकनीकी गड़बड़ी के कारण इनमें से 2 मत रद्द कर दिए गए, जिसके बाद इन्हें कुल 28 वैध वोट मिले, जो जीत के लिए पूरी तरह पर्याप्त थे।
प्रणव झा (कांग्रेस): कांग्रेस के खाते में आए कुल 21 वोटों में से 1 वोट अमान्य घोषित हो गया, जिससे वे महज 20 वैध वोटों पर सिमट गए और रेस से बाहर हो गए।
भाजपा के पास थे सिर्फ 24 विधायक, सहयोगियों ने किया खेल
राजनीतिक पंडितों के अनुसार, इस चुनाव में सबसे दिलचस्प पहलू भाजपा का संख्या बल था। विधानसभा में भाजपा के पास अपने सिर्फ 24 विधायक हैं, लेकिन परिमल नथवानी को मिले 28 वैध मत यह साफ करते हैं कि इंडिया ब्लॉक के घटक दलों के विधायकों ने बड़े पैमाने पर पाला बदला और क्रॉस वोटिंग की। 81 विधायकों वाली विधानसभा में कुल तीन वोट तकनीकी कारणों से रद्द घोषित किए गए।
त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के प्रणव झा हारे, गठबंधन के दावों की खुली पोल
सहयोगियों पर फूटा गुस्सा: कांग्रेस प्रभारी ने लगाए ‘धनबल’ के आरोप
हार के तुरंत बाद कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया है और गठबंधन के सहयोगियों पर ठीकरा फोड़ना शुरू हो गया है। झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने मीडिया के सामने आकर बेहद तल्ख तेवर दिखाए। उन्होंने साफ तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वामपंथी दल (सीपीआई-एमएल) के विधायकों पर भीतरघात का आरोप लगाया।
के. राजू का बड़ा बयान: “कांग्रेस के अपने सभी 16 वोट पूरी तरह सुरक्षित रहे और झामुमो की तरफ से हमें 4 वोट मिले, जिसके चलते हमारे उम्मीदवार को कुल 20 वोट प्राप्त हुए। लेकिन राजद (जिसके 4 MLA हैं) और सीपीआई-एमएल (जिसके 2 MLA हैं) के विधायकों ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। इनके वोट टूटकर निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में चले गए। यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा चुनाव में भारी पैमाने पर पैसे (धनबल) का इस्तेमाल किया गया है।”
जीत के बाद परिमल नथवानी और बैद्यनाथ राम ने जताया आभार
तीसरी बार झारखंड से राज्यसभा का टिकट पाने वाले परिमल नथवानी ने अपनी जीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि: “संसद के उच्च सदन के लिए मेरा नामांकन और जीत स्वीकार हो गई है। मैं झारखंड की महान जनता और विशेषकर मुझे समर्थन देने वाले सभी विधायकों का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं। भाजपा ने मुझे यह बड़ा मौका दिया और पर्दे के पीछे से पूरी मदद की। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन और सभी शुभचिंतकों का आभारी हूं।”
दूसरी तरफ, झामुमो खेमे से विजयी हुए बैद्यनाथ राम ने अपनी जीत का श्रेय शीर्ष नेतृत्व को देते हुए कहा, “मैं उन सभी माननीय विधायकों और हमारे माननीय मुख्यमंत्री का दिल से शुक्रिया और आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और एकजुट होकर मेरा पुरजोर समर्थन किया।”























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