पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 4 शातिर साइबर अपराधी गिरफ्तार! सोनारायठाढ़ी, सारवां और पथरड्डा से दबोचे गए आरोपी; मोबाइल व सिम बरामद
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
देवघर। देवघर जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपने कड़े अभियान को जारी रखते हुए एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। गुप्त सूचना के आधार पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाए गए एक विशेष और त्वरित छापामारी अभियान के दौरान पुलिस ने देशव्यापी ठगी नेटवर्क से जुड़े चार शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इनके पास से ठगी में प्रयुक्त होने वाले कई चालू मोबाइल फोन और फर्जी नामों पर लिए गए सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों का पूरा ब्यौरा:
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी देवघर जिले के ही अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार की गई है:
अशरफ अंसारी (उम्र लगभग 26 वर्ष), पिता – मजीद मियां, निवासी – कुरवा, थाना – सोनारायठाढ़ी, जिला – देवघर।
सद्दाम अंसारी (उम्र लगभग 36 वर्ष), पिता – अयूब मियां, निवासी – बरमतरा, थाना – सारवां, जिला – देवघर।
मुस्तकीम अंसारी (उम्र लगभग 26 वर्ष), पिता – उस्मान मियां, निवासी – बरमतरा, थाना – सारवां, जिला – देवघर।
बिनोद दास (उम्र लगभग 37 वर्ष), पिता – स्वर्गीय धीरजु महरा, निवासी – युबिया, थाना – पथरड्डा ओ.पी. (आउटपोस्ट), जिला – देवघर।
तकनीकी जांच में खुलेगा राज: कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें
छापेमारी के दौरान पुलिस की विशेष टीम ने अभियुक्तों के पास से 04 मोबाइल फोन और 04 सक्रिय सिम कार्ड जब्त किए हैं। साइबर सेल द्वारा की गई प्रारंभिक तकनीकी जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि बरामद सभी मोबाइल और सिम कार्ड्स का इस्तेमाल देश के विभिन्न हिस्सों में मासूम लोगों से बैंक अधिकारी या लॉटरी के नाम पर साइबर ठगी करने के लिए किया जा रहा था।
देशव्यापी सिंडिकेट का भंडाफोड़: जब पुलिस की साइबर विंग ने जब्त मोबाइलों के अनूठे IMEI नंबर की बारीकी से तकनीकी जांच की, तो पता चला कि इन डिवाइसों के विरुद्ध भारत के विभिन्न राज्यों में पहले से ही साइबर ठगी और वित्तीय फ्रॉड की कई शिकायतें (National Cyber Crime Reporting Portal पर) दर्ज पायी गई हैं।
आरोपी सद्दाम का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस की जांच में यह भी अहम खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक, सारवां थाना क्षेत्र का सद्दाम अंसारी कोई नया अपराधी नहीं है। वह पूर्व में भी साइबर अपराध और ठगी के गंभीर मामलों में संलिप्त पाया गया है और जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा अपना गैंग सक्रिय कर लिया था।
फिलहाल, देवघर पुलिस इन सभी आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज, बैंक खातों और ठगी की रकम के ट्रांजैक्शन को खंगालने में जुटी है। आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं और आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले को साइबर अपराध से मुक्त कराने के लिए यह अभियान आगे भी और सख्ती से जारी रहेगा।























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