*राजकीय बुनियादी विद्यालय कुडू के कम्प्यूटर कक्ष में चोरी, लाखों के उपकरण क्षतिग्रस्त।*
कुडू – लोहरदगा: कुडू स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय के कम्प्यूटर कक्ष में अज्ञात चोरों ने चोरी के साथ-साथ व्यापक तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया है। घटना का पता सोमवार को विद्यालय खुलने के बाद चला, जब शिक्षकों ने कम्प्यूटर कक्ष का निरीक्षण किया। आशंका जताई जा रही है कि चोरी और तोड़फोड़ की यह वारदात शनिवार अथवा रविवार की रात में हुई।जानकारी के अनुसार चोरों ने कम्प्यूटर कक्ष में स्थापित कुल आठ बैटरियों में से सात बैटरियां चोरी कर लीं। वहीं आठों कम्प्यूटर मॉनिटर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। विद्यालय में लगे होंडा कंपनी के 3000 केवीए जनरेटर को तोड़कर उसमें लगे तांबे के कॉयल निकाल लिए गए। इसके अलावा दो स्टेबलाइजर को बाहर फेंक दिया गया तथा आठ सीपीयू में से छह सीपीयू को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। प्रिंटर सहित अन्य उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। चोर बैटरियां अपने साथ ले गए, जबकि अन्य उपकरणों को तोड़कर उनमें लगे तांबे के तार एवं कॉयल निकाल लिए। इस घटना से विद्यालय की कम्प्यूटर शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और छात्रों की शैक्षणिक गतिविधियों को भी नुकसान पहुंचा है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धर्मदेव प्रसाद ने कुडू थाना में आवेदन देकर लगभग तीन लाख रुपये के सामान को क्षतिग्रस्त किए जाने तथा डेढ़ लाख रुपये के सामान की चोरी होने की लिखित सूचना दी है। उन्होंने मामले की जांच, अज्ञात चोरों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने, चोरी गए सामान की बरामदगी तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। थाना प्रभारी अजित कुमार ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बाधित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और चोरी में शामिल लोगों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
*चारदीवारी के अभाव में बार-बार निशाने पर विद्यालय, विभाग की उदासीनता पर उठे सवाल।*
बिना चारदीवारी वाला राजकीय बुनियादी विद्यालय कुडू वर्षों से चोरों और असामाजिक तत्वों के निशाने पर रहा है। विद्यालय का मुख्य गेट भी जर्जर अवस्था में है, जिसके कारण दिन से लेकर रात तक परिसर में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रबंधन द्वारा कई बार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा चारदीवारी निर्माण की मांग उठाई गई, लेकिन शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। स्थिति यह है कि लगातार चोरी और सेंधमारी की घटनाओं के बावजूद विभाग ने विद्यालय की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। नतीजा यह है कि सरकारी संपत्ति को बार-बार नुकसान पहुंच रहा है और इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। यदि समय रहते चारदीवारी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते, तो संभवतः इस बड़ी घटना को रोका जा सकता था।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी वर्ष 2009 में विद्यालय से छह बैटरियां और दो सीपीयू चोरी हो चुके हैं। 12 मार्च 2018 को मैट्रिक परीक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के सेटअप बॉक्स को सेंधमारी कर चोरी करने का असफल प्रयास किया गया था। इसके बाद 12 जून 2019 को भी चोरों ने विद्यालय में सेंधमारी का प्रयास किया था। लगातार हो रही घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि आखिर कब तक विभाग की लापरवाही का खामियाजा विद्यालय और छात्र भुगतते रहेंगे।




















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