गौ तस्करी और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ आंदोलन का बिगुल; कार्यकर्ताओं ने दी चेतावनी— 24 घंटे में दोषियों पर कार्रवाई न हुई, तो पूरे जिले में होगा चक्का जाम
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
गुमला: गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत लकैया गांव में सोमवार को उस समय भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब गांव के ‘गौझिन डोभा’ (तालाब/गड्ढे) में भारी मात्रा में प्रतिबंधित पशु के अवशेष फेंके हुए पाए गए। इस घटना की भनक लगते ही पूरे गांव के लोग और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर एकत्र हो गए। धार्मिक भावनाएं आहत होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और हिंदूवादी संगठनों के बीच गहरा आक्रोश व्याप्त है, जिससे इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा मंडरा रहा है।
विधायक जिगा सुसारण होरो और प्रशासन के संरक्षण का आरोप
घटना स्थल पर पहुंचे बजरंग दल के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संगठन ने सीधे तौर पर क्षेत्र के राजनीतिक नेतृत्व को कटघरे में खड़ा करते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है:
“सिसई विधायक जिगा सुसारण होरो एवं जिला प्रशासन के कथित संरक्षण में पूरे प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से बूचड़खाने चलाए जा रहे हैं। इसी शह के कारण अंतरराज्यीय और स्थानीय स्तर पर गौ तस्करी का धंधा बड़े पैमाने पर फल-फूल रहा है। तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब आबादी वाले क्षेत्रों के जलस्रोतों में अवशेष फेंककर सामाजिक शांति को भंग करने का दुस्साहस कर रहे हैं।”
‘लगातार हो रही हत्याएं बर्दाश्त नहीं, उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा समाज’
आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि बहुसंख्यक समाज की आस्था के साथ खिलवाड़ और प्रतिबंधित पशुओं की हत्याएं बजरंग दल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
संगठन ने गुमला जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से दो टूक मांग की है कि:
लकैया गांव में हुई इस घिनौनी वारदात की सघन तकनीकी जांच की जाए और क्षेत्र के सक्रिय तस्करों को चिन्हित कर तुरंत जेल भेजा जाए।
सिसई और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित हो रहे सभी कत्लखानों (बूचड़खानों) को अविलंब सील कर पूरी तरह बंद कराया जाए।
रोड पर उतरने की चेतावनी, सरकार की होगी पूरी जिम्मेदारी
बजरंग दल के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले को हल्के में लिया या लीपापोती करने की कोशिश की, तो वे खुद कानून के दायरे में रहकर इन अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।
इसके साथ ही, आने वाले दिनों में जिले के सभी प्रखंड स्तरों पर गौ तस्करी और प्रशासनिक विफलता को लेकर एक व्यापक और उग्र जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी कानून-व्यवस्था से जुड़ी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और गुमला जिला प्रशासन की होगी। फिलहाल एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल की गश्ती बढ़ा दी गई है और प्रबुद्ध नागरिक शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।



















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