लावालौंग, कुंदा, प्रतापपुर और सिमरिया में अधिक असर, लंबी दूरी के वाहनों का परिचालन रहा प्रभावित
चतरा। टीपीसी की ओर से आहूत तीन दिवसीय बंद के पहले दिन गुरुवार को चतरा जिला मुख्यालय समेत विभिन्न प्रखंडों में मिला-जुला असर देखने को मिला। लावालौंग, कुंदा, प्रतापपुर और सिमरिया में बंद का असर अधिक रहा। लंबी दूरी के वाहनों का परिचालन नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला मुख्यालय से भी लंबी दूरी की बसों का परिचालन नहीं हुआ। कई सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। कुछ लोग पैदल तो कुछ बाइक के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंचे। बंद का असर कारोबार पर भी देखने को मिला। सीसीएल क्षेत्र में भी बंद का प्रभाव पड़ने की बात सामने आई।
टंडवा में बेअसर रही बंदी
टंडवा (चतरा)। टीपीसी सुप्रीमो बृजेश गंझू की मुठभेड़ में मौत के विरोध में घोषित बंद का टंडवा प्रखंड क्षेत्र में असर नहीं दिखा। एनटीपीसी आम्रपाली, मगध, चट्टी-बारियातू समेत अन्य परियोजनाओं में भारी वाहनों का परिचालन पूर्ववत जारी रहा।
बंदी की घोषणा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से एहतियातन पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। कुंदा और लावालौंग चौक पर बसें खड़ी रहीं। कुंदा में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि स्थानीय दुकानें खुली रहीं।
टीपीसी ने संगठन के सुप्रीमो गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ बृजेश गंझू की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के विरोध में 24, 25 और 26 सितंबर को झारखंड के सात जिलों में तीन दिवसीय बंद का आह्वान किया है। संगठन की ओर से बृजेश गंझू को कथित फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने का आरोप लगाया गया है।
संगठन की ओर से बंद का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों को चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि संगठन के जनरल कमांडर नथनी जी के नाम से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बंद का ऐलान किया गया था। बंद के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बरती गई।





















Total Users : 1201658
Total views : 3042287