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सीआरपीएफ जवान की मौत के बाद छठे दिन भी कोल वाहनों का परिचालन बंद

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स्थायी समाधान और मुआवजा नीति की मांग पर अड़े ग्रामीण, उच्चस्तरीय बैठक का इंतजार

सिमरिया (चतरा)। चतरा जिले के देल्हो घाटी में सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के विरोध में सिमरिया–चतरा मुख्य मार्ग पर कोल वाहनों का परिचालन छठे दिन भी पूरी तरह बंद रहा। पिछले छह दिनों से कोयला लदे वाहनों का आवागमन ठप है, जबकि सामान्य यातायात सुचारु रूप से जारी है।

हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर आए थे और सार्वजनिक मार्ग से कोयला ढुलाई पर पूर्ण रोक लगाने की मांग को लेकर जोरदार आंदोलन किया था। आंदोलन के दौरान प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि जिला स्तर पर उच्चस्तरीय बैठक कर आगे की रणनीति तय होने तक कोल वाहनों का परिचालन बंद रखा जाएगा। इसी आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त किया था।

वर्तमान में कोल परिवहन मार्गों के किनारे सैकड़ों कोयला लदे वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़कागांव–पकरी बरवाडी कोल माइंस से निकलने वाले कोयले की ढुलाई चतरा जिले के सिमरिया मार्ग से स्थायी रूप से बंद करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों एवं घायलों के लिए स्थायी मुआवजा नीति लागू करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

कोल वाहनों का परिचालन बंद रहने से स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों में राहत का माहौल है। उनका कहना है कि पिछले छह दिनों से लोग बिना किसी भय के सड़क पर आवागमन कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भारी कोयला वाहनों के लगातार परिचालन के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता था और लोगों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ती थी।

अब पूरे क्षेत्र की निगाहें जिला प्रशासन की प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक पर टिकी हैं। हालांकि समाचार लिखे जाने तक बैठक की तिथि की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक सार्वजनिक सड़कों से कोयला ढुलाई पर स्थायी निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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