दर्जनों महिलाओं ने ठप्प कराया कोल वाहनों का परिचालन, की अलग ट्रांसपोर्टिंग सड़क बनाने की मांग
टंडवा(चतरा)। टंडवा प्रखंड क्षेत्र में कोल वाहनों के परिचालन से धूल-धूंआ तथा सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश अब फूटने लगा है। गुरुवार को टंडवा-रांची बायपास सड़क किनारे स्थित दुंदुवा के दर्जनों महिलाओं ने सड़क में आकर कोल वाहनों के परिचालन को ठप्प करा दिया, जिससे आम्रपाली व चट्टीबारियातु कोल परियोजना से कोयले की ढुलाई कर रहे सैंकड़ों कोल वाहनों की लंबी कतारें लग गई। उक्त जाम का असर टंडवा-सिमरिया मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहनों के परिचालन में भी देखा गया। लोगों की मानें तो इन दिनों एके लॉजिस्टिक्स, नकास, जय मां अम्बे ट्रांसपोर्ट, टॉयकून, हिंडाल्को, प्रणव नमन समेत दर्जनों कोल ट्रांसपोर्टिंग कंपनियां बड़े पैमाने पर दिन-रात कोयले की ढुलाई कर रही है। जिससे ग्रामीणों को जहां सड़कों में कोयले की धूल तथा बेतरतीब परिचालन से आवागमन में भारी कठिनाई होती है वहीं दूसरी ओर बड़े पैमाने जानमाल की क्षति भी होने लगा है। यही वजह है कि ग्रामीण अब आम सड़क से कोल वाहनों के परिचालन को तत्काल बंद करने की मांग कर रहे हैं। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच कर महिलाओं को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। जिससे कोल वाहनों का परिचालन शुरू हो गया। सूत्रों की मानें तो उक्त मांगों को लेकर टंडवा-सिमरिया मुख्य सड़क मार्ग से हो रहे कोयले की ढुलाई के विरुद्ध भी ग्रामीण गोलबंद होने की तैयारी में जुटे हैं। जबकि ग्रामीणों के आंदोलन की सुगबुगाहट सुनकर कोल कारोबार में जुटे स्थानीय जनप्रतिनिधि व नेताओं की भी बेचौनी बढ़ने लगी है।





















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