झारखण्ड/ गुमला -लोहरदगा उपायुक्त के सुरक्षाकर्मी में तैनात हवलदार मरियानुस किंडो का सोमवार की सुबह पावर गंज चौक के समीप सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जवान मरियानुस अपने बुलेट में सवार होकर ड्यूटी के लिए डीसी कोठी जा रहा था इस क्रम में लिवेंस स्कूल के बस की सीधी टक्कर में दुर्घटनाग्रस्त होकर जवान की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद जवान के पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव लुदगो लाया गया। जहां परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पार्थिव शरीर को लेकर लोहरदगा मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जेवियर लुगुन, श्याम रंजन, भरत चंद महतो, मोहम्मद इकबाल सहित चालक आरज सिंह ने शव को लेकर मृतक के गांव पहुंचे। इधर मृतक जवान के बड़े भाई पीटर किंडो ने बताया कि दिवंगत भाई मरियानुस वर्ष 2004 से झारखंड पुलिस में सेवा दे रहा था।
*पत्नी सहित 2 बच्चे को अपने पीछे छोड़ गया*
मृतक जवान मरियानुस किंडो अपने पीछे पत्नी सहित 15 वर्षीय पुत्री जिसा किंडो व ढाई माह का एक पुत्र को बेबस और लाचार बना कर दुनिया छोड़ गया। बेटी लोहरदगा के लिवेंस स्कूल में कक्षा 9वीं की छात्रा है। पिता की मौत की खबर पाकर पुत्री जिसा किंडो अपने गांव पहुंची और शव को देखकर लोटपोट होकर रोने लगी।
*6 भाई में दूसरा बड़ा भा था मरियानुस*
मरियानुस के 5 भाई हैं, जिसमें एक भाई अजीत जैप का जवान है, जो की बोकारो में पदस्थापित है वहीं सबसे छोटा भाई अगस्टिन किंडो बसिया थाना में झारखण्ड पुलिस के जवान के पद पर पदस्थापित है। बाकी 3 भाई घर के काम और खेती बाड़ी पर आश्रित हैं।
*हवलदार मरियानुस के गांव की सकड़ का हाल बदहाल*
मृतक मरियानुस का पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव तक लाने के क्रम में काफी मशक्कत करना पड़ा। क्योंकि गांव तक जाने वाली सड़क कच्ची और काफी जर्जर स्थिति में है। यही नहीं हाई वोल्टेज तार सड़क के बीचो-बीच रहा था, जिसे एक सूखी लकड़ी की मदद से साथी जवानों ने तार को ऊपर किया जिसके बाद वाहन गांव की तरफ बढ़ सकी।








