
झारखण्ड/गुमला- आदिवासियों के ही नहीं बल्कि सभी के बीच अपनी पहचान और ख्यातिप्राप्त गुमला- लिटाटोली पैतृक गांव से लेकर भारत में आदिवासियों को सम्मान दिलाने वाले महान विभूति स्वर्गीय कार्तिक उरांव जी की जयंती पर सरना समिति सह कांग्रेस के चैनपुर प्रभारी नेता कुमार हन्दु भगत द्वारा आज 29 अक्टूबर को ग्राम फोरी में आदिवासी विकास विधालय परिसर में स्थित पंखराज साहेब स्वर्गीय कार्तिक उरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए पुष्पांजलि के साथ श्रद्धांजलि अर्पित किया गया इस मौके पर कुमार हन्दु भगत ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गुमला जिले में ही नहीं बल्कि भारत में एवं विदेशों तक में स्वर्गीय कार्तिक बाबू ने आदिवासियों को सम्मान दिलाने के लिए एवं उनके उत्थान को लेकर आदिवासी विकास परिषद का गठन अपने राजनीतिक काल में करते हुए उन्होंने आदिवासी समाज को अपने उत्थान के लिए सबसे पहले शिक्षित होने का आह्वान करते हुए आदिवासियों को एकजूटता एवं अपनी सभ्यता संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए हमेशा बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते रहे हैं आज की जरूरत उनके आदर्शों एवं नीतियों के साथ सिद्धांतों को लेकर चलने की है लेकिन देखा जा रहा है कि सिर्फ सांसद और विधायक बनने के लिए आदिवासी समाज के नेतागण द्वारा स्वर्गीय कार्तिक उरांव जी का नाम भंजाने के लिए एवं आदिवासियों को ठगने का काम करने के लिए महान विभूति आदिवासियों के सच्चे और ईमानदार पंखराज साहेब स्वर्गीय कार्तिक बाबू की जयंती मनाने के लिए होड़ मची हुई है जबकि ऐसे नेताओं को जो सिर्फ सांसद और विधायक बनने की लालसा रखते हैं उन्हें ना तो आदिवासी समाज की फिक्र है और ना ही कार्तिक बाबू के आदर्श विचार एवं सिद्धांत से उनका लगाव होता है उन्होंने कहा कि कार्तिक बाबू का पैतृक गांव करौंदा लिटाटोली में आज भी मूलभूत सुविधाओं का आभाव बना हुआ है सड़क, चिकित्सा सुविधाएं, अच्छा स्कूल पेयजलापूर्ति सभी अच्छे नहीं हैं जबकि करोड़ों रुपए की योजनाओं से जहां-तहां बाउंड्री वॉल स्ट्रीट लाइट पर राशि खर्च कर रहे हैं लेकिन ऐसा कोई सांसद और विधायक नहीं आया है कि आदिवासियों के सबसे महान विभूति एवं शिक्षित कार्तिक बाबू जिन्हें अनेकों भाषा का ज्ञान एवं आदिवासियों को सम्मान दिलाने के लिए अधिकार दिलाने एवं शिक्षा को लेकर आदिवासियों को जगाने वाले बाबा के पैतृक गांव लिटाटोली को एक विश्व स्तर पर उनके समाधी स्थल को विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहर की रूप में जाना जाए ऐसा कोई भी आदिवासी नेता या सांसद विधायक नही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फोरी स्कूल में कार्तिक बाबू की प्रतिमा स्थापित करने में आदिवासी सरना समिति द्वारा काफी प्रयास करते हुए जन भागीदारी से यहां बाबा की प्रतिमा स्थापित कर उनकी जयंती एवं पुन्य तिथि समारोह आयोजित किया जाता है उन्होंने कहा कि कार्तिक बाबू सिर्फ़ समाजिक ही नहीं बल्कि एक कुशल राजनीतिज्ञ और शिक्षाविद के रूप में ख्यातिप्राप्त आदिवासियों के अगुआ नेता के लिए जाने जाते हैं इस मौके पर सरना समिति के हंदु भगत सहित उदय उरांव,बबलू उरांव, सुनील उरांव बदरी उरांव एवं फोरी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।




















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