झारखण्ड/गुमला- रायडीह के सेमरटोली में कृपा मुंडा पहान की अध्यक्षता में आदिवासी समाज के पुरूष एवं महिलाओं की एक बैठक हुई जिसमें कहा गया है कि आदिवासी समाज की पुरानी व्यवस्था को लेकर चलने की आज की जरूरत आदिवासी समाज महसूस कर रहे हैं इसलिए पड़हा एवं सरना को संयुक्त रूप से आदिवासियों की सभ्यता संस्कृति और इतिहास को लेकर कार्यक्रम आयोजित करने की जरूरत है देखा जा रहा है कि कुछ नेता आदिवासियों को दो भागों में बांटकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए आदिवासियों को सिर्फ छलने में लगे हुए रहते हैं और आज तक विधायक बनने के बाद भी सरना कोड़ को लेकर सक्रिय होकर काम करने में रूचि नहीं दिखाई है बैठक में जनगणना को लेकर भी विचार विमर्श कर कहा गया है कि जनगणना में आदिवासियों के लिए एक कॉलम उनके सरना धर्म कोड को लेकर रखा जाए ताकि आदिवासी सरना धर्म के लिए यह एक पहचान के लिए जनगणना में आदिवासियों की पहचान हो सकें। बैठक में आदिवासियों को सिर्फ राजनीतिक गलियारों के लिए ठगने और छलने वाले एवं सतासुख में समय बिताने वाले वैसे बहुरूपिए आदिवासी नेता से सतर्क रहने का आह्वान किया गया
बैठक में अनिता उरांव, बुधराम उरांव, आदिवासी छात्र संघ जिलाध्यक्ष अशोक कुमार भगत आदिवासी नेता महेंद्र उरांव सहित आदिवासी समाज के भाई बहनों की उपस्थिति थी।
रायडीह के सेमरटोली में आदिवासी समाज की बैठक कृपा मुंडा पहान की अध्यक्षता में हुई आदिवासी समाज को दो भागों में बांटकर राजनीति करने वाले से सावधान रहें सरना धर्म कोड को लेकर सरकार जनगणना में कॉलम दे
By Ajay Sharma
On: October 27, 2023 8:11 PM
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