झारखण्ड/गुमला- प्रशासन द्वारा शर्तों के साथ मिला था स्टेडियम में रावण दहन की इजाजत फिर भी कार्यक्रम में उमड़ी अहंकारी रावण दहन देखने के लिए ऐतिहासिक जनसैलाब*
*विजयादशमी पर गुमला मुख्यालय सहित करौंदी एवं उर्मी में दशहरा पर्व पर रावण दहन किया गया – धू-धू कर जला अहंकारी रावण का पुतला*
* जिला प्रशासन परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में रावण दहन कार्यक्रम को लेकर अलर्ट- पैनी नजर रखें हुए थे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर – वहीं पहली बार शर्तों के साथ रावण दहन समिति करेगी रावण दहन को मिली थी मंजूरी*
* उड़ीसा के कारीगरों द्वारा 50 फीट ऊंचा रावण एवं कुंभकर्ण , मेधनाथ का पुतला बनाकर पेश किया गया है साथ ही आतिशबाजी भी इसका नजारा देखने के लिए जनसैलाब उमड़ा हुआ था*
* करीब 40 से 50 हजार लोगों की भीड़ स्टेडियम एवं बाहर होती हैं इस बार स्टेडियम के अंदर खाने पीने का लुत्फ नहीं मिलने से विजय मेला में व्यंजन का लुत्फ नहीं उठा पाएं लोग इसके लिए लोगों को स्टेडियम से बाहर लगेगा ठेले और खोमचे पर जाना पड़ा*
गुमला- गुमला में आज विजयादशमी पर्व पर परंपरागत तरीके से मुख्यालय के परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में एवं करौंदी मालवीय नगर सहित उर्मी में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया असत्य पर सत्य की विजय और अहंकारी रावण सहित कुंभकर्ण एवं मेधनाथ का पुतला दहन किया गया यहां बताते चलें कि मुख्यालय में स्थित परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में उड़ीसा के कारीगरों द्वारा 50 फीट ऊंचा रावण का पुतला एवं साथ ही कुंभकर्ण एवं मेधनाथ का भी पुतला दहन के लिए बनाया गया था इसके लिए रावण दहन सह विजय मेला समिति द्वारा लगभग सभी तैयारियां एक सप्ताह से लगें हुए थे मौके पर आकर्षित करती हुई आतिशबाजी का नजारा भी लोगों को देखने को मिला यहां बताते चलें कि परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में करीब बाहर और अंदर मिलाकर करीब 50 से 60 हजार लोगों की भीड़ इस मौके पर पहुंचे हुए होते हैं और इसके लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए थे सुरक्षा बल की महिला एवं पुरुष पुलिस की टीम साथ ही सादे लिबास में भी पुलिस बलों की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सक्रिय रूप से की गई है यहां बताते चलें कि गुमला परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में इस बार शर्तों के साथ जिला प्रशासन द्वारा रावण दहन सह विजय मेला समिति को परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करने की मंजूरी दी गई है और इस अवसर पर लोगों को स्टेडियम के अंदर जो खाने पीने के लिए ठेले खोमचे में सुविधा उपलब्ध होती थी वह गायब दिखाई दे रही थी वहीं विजय मेला में व्यंजन का लुत्फ उठाया नहीं जा सका था लेकिन यह भी नहीं कहा जा सकता है कि जिला प्रशासन द्वारा लिया गया निर्णय गलत है क्योंकि परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में जितनी भीड़ रावण दहन कार्यक्रम में शामिल होने आती है उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्टेडियम के अंदर ठेले खोमचे बंद करने का निर्णय बिल्कुल सही था हालांकि ऐसे फैसले से लोगों को थोड़ी दिक्कत खाने-पीने की हुई है लेकिन लोगों को रावण दहन कार्यक्रम देखने के लिए जगह की भी जरूरत थी। यहां बताते चलें कि करीब 35 साल से परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में रावण दहन सह विजय मेला समिति द्वारा बड़े ही धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा रही है लेकिन इस बार स्टेडियम में रावण दहन कार्यक्रम को लेकर हां और ना में आखिर में प्रशासन ने नौ शर्तों के साथ रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत दी थी असत्य पर सत्य की विजय का पर्व दशहरा पर्व पर परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए जनसैलाब उमड़ा हुआ था और जय श्री राम भक्तों की उपस्थिति में रावण दहन कार्यक्रम में आकर्षक आतिशबाजी के साथ ही परंपरागत तरीके से रावण दहन किया गया।





















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