लोहरदगा। सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर में दुर्गा पूजन के महत्व को बताते हुए प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडेय ने कहा दुर्गा पूजा अर्थात दशहरा पर्व अधर्म पर धर्म के विजय का प्रतीक है असत्य पर सत्य के विजय का प्रतीक है । आदिकाल में मां दुर्गा के द्वारा आसुरी शक्ति महिषासुर वध किया गया था। विद्यालय के सभागार में आज दुर्गा माता के नौ रूपों का धारण बहनों द्वारा किया गया। साज श्रृंगार करते हुए आकर्षक प्रस्तुति मंच पर की। इस कार्यक्रम में मंच की भव्यता एवं रूप सज्जा एवं सजावट सुनीता बहन जी द्वारा किया गया। दुर्गा माता के नौ रूपों का विस्तृत वर्णन अशोक सिंह द्वारा किया गया। आरती वंदन माता के नौ रूपों का प्रधानाचार्य एवं सभी आचार्य बंधु भगिनी द्वारा किया गया। बहन प्राची सोनी , आराध्या कुमारी , चंचल कुमारी , आशि कुमारी ,तृषा जायसवाल, पायल कुमारी ,अमृता कुमारी ,आस्था पांडे, दिव्या उरांव द्वारा माता के नौ रूपों को प्रस्तुत किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी , चंद्रघंटा, कूष्मांडा , स्कंदमाता , कात्यायनी, कालरात्रि , महागौरी आदि दुर्गा माता के नौ रूपों का व्याख्यान विस्तृत रूप से किए। शाकंभरी देवी के शक्ति का वर्णन किया तथा महिषासुर, मधु कैटभ इत्यादि राक्षसों के विनाश की कहानी को बताएं।महिषासुर के रूप में कक्षा चतुर्थ के भैया कमलेश उरांव प्रस्तुत हुए कार्यक्रम बहुत भव्य और आकर्षक रहा। कार्यक्रम में सभी भैया बहन एवं आचार्य बंधु भगिनी उपस्थित रहे।
शिशु मंदिर स्कूल में दुर्गा पूजा पर रूप सज्जा प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, प्रधानाचार्य ने कहा, अधर्म पर धर्म के विजय का प्रतीक है दुर्गा पूजा
By Anita Kumari
On: October 19, 2023 8:22 PM
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