अंग्रेजों के समय से थी गुमला-रांची एन एच आई मार्ग पर पुलिया बंद कर देने से 80एकड भूमि होगी बंजर और 100 परिवारों होंगे दाने पानी के लिए मोहताज

Ajay Sharma
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झारखण्ड /गुमला–गुमला – रांची फोर लेन सड़क निर्माण पर पुलिया बंद कर देने से ग्राम लां‌जी हुंडरा मोड़ नवाटोली के करीब सौ परिवारों को अन्न जल से होना पड़ा है महरूम यहां बताते चलें कि अंग्रेजों के समय थी यहां पुलिया लेकिन एन एच आई ने बंद कर दी एक तरफ जलजमाव से गरीबों के मिट्टी से बने आवास को खतरा पैदा तो दूसरी तरफ करीब सौ परिवारों को होगा हमेशा के लिए सुखाड़ यहां यही नजारा बना हुआ है और प्रभावित परिवारों ने गुमला रिपोर्टर अजय कुमार शर्मा से रूबरू हुए और जन समस्याओं को सामने रखते हुए कहा कि ग्राम लांजी हुंडरा मोड़ नवाटोली में फोरलेन सड़क के उतरी दिशा से होकर दक्षिण भाग में पूर्व की एक पुलिया से बारिश का पानी दोनों ओर के खेतों को सिंचाई के लिए उपयुक्त माना जाता था लेकिन गुमला से पलमा तक चल रहे फोरलेन सड़क निर्माण कार्य में तकनीकी जानकारी लिए और गांव के लोगों के कहने के बाद भी एन एच आई डिपार्टमेंट के प्रोजेक्ट मैनेजर ने सिर्फ आश्वासन दिया लेकिन यह पुलिया बंद कर जहां जरूरत नहीं थी वहां पुल निर्माण कार्य किया गया परिणामस्वरूप 70से 80 एकड़ भूमि पर अब सुखाड़ हमेशा के लिए रहेगा क्योंकि पुलिया जो यहां के किसानो एवं गरीब वंचितों को दो जून की रोटी उपलब्ध होने देता था उसे बंद कर दिया गया है यहां बताते चलें कि ग्रामीण इस समस्या को दूर करने के लिए अब गुमला उपायुक्त को ज्ञापन देकर मांग करेंगे ताकि 100 प्रभावित परिवारों को उनकी जमीन जो खेती-बाड़ी के लिए है उस पर सरकारी योजनाओं से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएं या फिर पूर्व की भांति दोनों छोर ग्राम लांजी हुंडरा मोड़ नवाटोली के किसानों को खेती के लिए पानी उपलब्ध हो सके। इस मौके पर उपस्थित धनश्याम साहू ने कहा कि जल निकासी और खेती के लिए यह पुलिया बंद नहीं करना था वहीं प्रभावित परिवारों में ग्रामीणों ने कहा कि बारिश का पानी जमने से उतरी छोर पर हमारे मिट्टी का घर कभी भी गिर सकती है और वही किसानों ने कहा कि इस वर्ष ही नहीं बल्कि हमेशा के लिए हमारे खेतों को बंजर जमीन बना देना हमारे सभी करीब 100 किसानों के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सड़क निर्माण कार्य कंपनी अपनी मन मुताबिक लोगों की भावनाओं को आहत करने का काम किया है वहीं एन एच आई डिपार्टमेंट भी उसके साथ मिलकर काम करने वाले हैं वहीं छात्रा ने कहा कि अभी जो लगातार पांच दिन तक बारिश हुई है मैं कॉलेज तक नहीं जा सकी क्योंकि पानी घर के आस-पास भर गया था वहीं एक ग्रामीण ने कहा कि दूसरे छोर से पानी लाकर करीब 50 डिसमिल भूमि पर सिंचाई कर घर परिवार के लिए धान की खेती कर सका हूं लेकिन अब मुश्किल होगा।
यहां बताते चलें कि हर प्रभावित परिवारों अपनी चिंता को लेकर परेशानी में हैं और इसका निदान करने के लिए केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि हमें भी रोटी कपड़ा और मकान की जरूरत है और खेतीबाड़ी करने के लिए जरूरी है सिंचाई सुविधा अपनी बातों को शेयर किया गया।

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