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प्रज्ञा पुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर पावर गंज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

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प्रज्ञा पुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर पावर गंज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

 

​70 उत्कृष्ट शिक्षक हुए सम्मानित; विद्यालयों में दैनिक प्रार्थना के समय गायत्री मंत्र जोड़ने का लिया संकल्प

 

​लोहरदगा। नगर के पावर गंज स्थित कथा स्थल पर आयोजित चार दिवसीय पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रातः कालीन सत्र में पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुतियां समर्पित कर विश्व कल्याण की कामना की। इस अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित ‘शिक्षक गरिमा सम्मान समारोह’ में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा को सफल बनाने वाले 70 उत्कृष्ट शिक्षकों को मंच से अलंकृत किया गया।

​ सम्मान प्राप्त करने के बाद सभी शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों की दैनिक प्रार्थना सभा में गायत्री मंत्र को जोड़ने तथा भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में गायत्री परिवार को पूर्ण सहयोग देने का सामूहिक संकल्प लिया।

​कथा के चतुर्थ दिवस पर व्यासपीठ से कथावाचक आचार्य नकुल देव शास्त्री ने भारतीय संस्कृति को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि यह ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना सिखाती है। उन्होंने कहा कि गंगा, गीता, गौ, गुरु और गायत्री भारतीय संस्कृति के मुख्य पाँच आधार स्तंभ हैं।

​आचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में संस्कारों का रोपण सबसे आवश्यक है। कथा के प्रभाव से प्रेरित होकर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र जप से जुड़ने के साथ-साथ धूम्रपान एवं मद्यपान जैसी कुरीतियों को त्यागने का संकल्प लिया।

​यज्ञ समाप्ति के उपरांत गुरु दीक्षा संस्कार, नामकरण संस्कार और 10 बच्चों का विद्यारंभ संस्कार वैदिक रीति से संपन्न कराया गया। सांध्यकालीन सत्र में मुख्य अतिथि लोहरदगा जिला परिषद सदस्य सुखदेव उरांव एवं विशिष्ट अतिथि किस्को प्रखंड जिला परिषद सदस्य संदीप गुप्ता उपस्थित हुए। अतिथियों और व्यासपीठ के बीच परस्पर पूजन, स्वागत व सम्मान प्रक्रिया संपन्न हुई।

​महाआरती के बाद प्रसाद वितरण के साथ चतुर्थ दिवस का हुआ समापन

​संध्या काल में संगीतमय कथा एवं विराट दीप महायज्ञ एवं महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। आरती के उपरांत उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसके साथ ही चतुर्थ दिवस का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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