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एक माह से खराब पड़ा चापाकल, प्यासे रह रहे नन्हे बच्चे

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मॉडल आंगनबाड़ी में पेयजल व शौचालय व्यवस्था पर उठे सवाल, सेविका ने विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

गिद्धौर (चतरा)। गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के मॉडल आंगनबाड़ी सह नर्सरी स्कूल द्वारी पूर्वी-01 में पिछले लगभग एक माह से चापाकल खराब पड़ा है। इसके कारण आंगनबाड़ी में आने वाले छोटे-छोटे बच्चों को पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बच्चों को स्वच्छ पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

आंगनबाड़ी की सेविका ने बताया कि खराब चापाकल की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लाखों रुपये खर्च कर आधुनिक मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण करा रही है, लेकिन यदि वहां पीने के पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हों, तो ऐसे मॉडल केंद्रों की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से अविलंब खराब चापाकल की मरम्मत कराने, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

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