शंख नदी और पुराना समाहरणालय परिसर में स्थापित प्रतिमाओं पर प्रशासनिक अधिकारियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन; बोले अफसर— ‘भगवान बिरसा का त्याग और उलगुलान आज भी अन्याय के खिलाफ लड़ने की देता है प्रेरणा’
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
लोहरदगा: महान स्वतंत्रता सेनानी, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और ‘धरती आबा’ भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के पावन अवसर पर आज मंगलवार को लोहरदगा जिले में विभिन्न स्थानों पर भव्य श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक और गौरवमयी अवसर पर लोहरदगा उपायुक्त (DC) संदीप कुमार मीना एवं पुलिस अधीक्षक (SP) सादिक अनवर रिजवी सहित जिले के तमाम शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों ने भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमाओं पर पूरे आदर के साथ माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी पुष्पांजलि और श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शंख नदी और पुराना समाहरणालय परिसर में गूंजे भगवान बिरसा के नारे
जिले के प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों ने सबसे पहले लोहरदगा में शंख नदी के समीप स्थित भगवान बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा तथा इसके बाद पुराना समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर में स्थापित प्रतिमा पर जाकर पूरी श्रद्धा के साथ सामूहिक रूप से पुष्पांजलि अर्पित की।
इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने भारत माता के अमर सपूत भगवान बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक संघर्ष, अभूतपूर्व त्याग, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए किए गए महान उलगुलान और राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान को अत्यंत आदर के साथ स्मरण किया।
अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और अधिकारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा: उपायुक्त व एसपी
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया और वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपायुक्त संदीप कुमार मीना और पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने सामूहिक रूप से कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने बहुत ही छोटी उम्र में ब्रिटिश हुकूमत और जमींदारी शोषण के खिलाफ जो बिगुल फूंका था, वह इतिहास के पन्नों में अमर है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि धरती आबा का संघर्षशील जीवन आज भी हमारे पूरे समाज और आने वाली युवा पीढ़ी को किसी भी प्रकार के अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े रहने तथा अपने संवैधानिक अधिकारों व जल-जंगल-जमीन के प्रति सदैव जागरूक रहने की सच्ची प्रेरणा देता है।
कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि
अधिकारियों ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के सपनों के समृद्ध और सशक्त झारखंड का निर्माण करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ग्रामीण और सुदूर इलाकों के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाना ही इस महान विभूति के प्रति हम सबकी सबसे सच्ची और वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।
जिले में आयोजित इस मुख्य और गरिमामयी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (DDC) राज महेश्वरम, परियोजना निदेशक आईटीडीए (ITDA) सुषमा नीलम सोरेंग और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अमित कुमार समेत जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के कई वरीय पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और समाहरणालय के दर्जनों सक्रिय कर्मी व स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक भारी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने बारी-बारी से प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।



















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