समाहरणालय में भू-अर्जन, वन भूमि और यूटिलिटी शिफ्टिंग की बिंदुवार स्क्रूटनी; अनावश्यक विलंब करने वाले विभागों को अल्टीमेटम, बैठक में एसी और दोनों एसडीओ रहे मौजूद
चतरा समाहरणालय | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों, महा-परियोजनाओं और प्रमुख शहरों को जाम से मुक्ति दिलाने वाले बाईपास निर्माण कार्यों को सुपर-फास्ट गति देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। समाहरणालय स्थित मुख्य सभा कक्ष में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी रवि आनंद की अध्यक्षता में पथ निर्माण विभाग (Road Construction Department) एवं एनएचएआई (NHAI) से संबंधित स्वीकृत व वर्तमान में प्रगतिशील योजनाओं की एक हाई-लेवल समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विशेष रूप से चतरा-सिमरिया की रीढ़ माने जाने वाले प्रोजेक्ट्स में आ रही भू-अर्जन (Land Acquisition), भारतमाला परियोजना, वन भूमि अपयोजन (Forest Clearance), यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली के खंभे व पाइपलाइन हटाना), भू-अर्जन राशि हस्तांतरण एवं अन्य तकनीकी व विधिक लंबित मामलों की बिंदुवार (पॉइंट-टू-पॉइंट) गहन समीक्षा की गई।
“महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में अनावश्यक देरी कतई बर्दाश्त नहीं” : उपायुक्त
बैठक के दौरान उपायुक्त रवि आनंद ने जिले में संचालित विभिन्न सड़क एवं बाईपास निर्माण योजनाओं की भौतिक व वित्तीय अद्यतन प्रगति की स्क्रूटनी की। उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आपसी तालमेल (समन्वय) स्थापित कर फाइलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया।
विभागीय सुस्ती पर सख्त हिदायत देते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने कहा:
“सड़क निर्माण से जुड़ी ये तमाम परियोजनाएं चतरा के आर्थिक विकास और आम जनता की सहूलियत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. इन बड़ी परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक और बेवजह का विलोपन या विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सभी संबंधित विभाग और निर्माण कंपनियां समयबद्ध (टाइमलाइन) और समन्वित तरीके से आपस में मिलकर काम करें ताकि तय समय पर सड़कें जनता को समर्पित की जा सकें.”
चतरा बाईपास, सिमरिया बाईपास और कौलेश्वरी मार्ग सहित इन महा-योजनाओं की हुई समीक्षा:
उपायुक्त ने जिले की निम्नलिखित प्रमुख और बहुप्रतीक्षित सड़क योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और कड़े निर्देश जारी किए:
भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project): भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अंतर्गत चल रहे इस ड्रीम प्रोजेक्ट की अड़चनों को दूर करने का निर्देश।
एनएच-99 चतरा बाईपास: चतरा शहर को भारी वाहनों के जाम से स्थाई मुक्ति दिलाने वाली बाईपास सड़क निर्माण की प्रगति।
राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-100 (नया 522) सिमरिया बाईपास: सिमरिया चौक और मुख्य बाजार को जाम मुक्त करने वाले बाईपास का निर्माण कार्य।
पतरातु-हेन्देगीर-मैक्लुस्कीगंज पथ निर्माण: राजधानी रांची और रेलवे साइडिंग कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण मार्ग।
टण्डवा (MDR-72) सोपारम-बारियातु (NH-99) चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण: कोयलांचल रूट की इस महत्वपूर्ण सड़क का सुदृढ़ीकरण।
घंघरी से कौलेश्वरी पथ: चतरा के प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मां कौलेश्वरी पहाड़ तक जाने वाले मार्ग का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य।
धमनिया से शेरेगढ़ा पथ: ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों को जोड़ने वाले इस मार्ग का चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य।
यूटिलिटी शिफ्टिंग और मुआवजे की राशि ट्रांसफर करने का अल्टीमेटम
समीक्षा के दौरान डीसी ने जिला भू-अर्जन कार्यालय और वन विभाग को वन भूमि अपयोजन (Forest Land Diversion) से संबंधित मामलों की साप्ताहिक स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने बिजली विभाग और पेयजल स्वच्छता विभाग को यूटिलिटी शिफ्टिंग (खंभे, ट्रांसफार्मर और पानी के पाइप हटाने) से जुड़ी बाधाओं को वार-फुटिंग (प्राथमिकता) के आधार पर 24 से 48 घंटे के भीतर दूर करने का आदेश दिया। साथ ही, जिन रैयतों की जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है, उन्हें भू-अर्जन की राशि हस्तांतरण (मुआवजा भुगतान) से संबंधित सभी लंबित फाइलों का अविलंब निपटारा करने का निर्देश दिया ताकि धरातल पर काम न रुके।
बैठक में जिला प्रशासन की यह कोर-टीम रही उपस्थित:
चतरा के विकास का खाका खींचने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्य रूप से:
अरविंद कुमार (अपर समाहर्ता, चतरा)
वैभव कुमार सिंह (जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, चतरा)
जहूर आलम (अनुमंडल पदाधिकारी – SDO, चतरा)
माहेश्वरी प्रसाद (अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया-सह-जिला परिवहन पदाधिकारी – DTO)
भारतमाला परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर (PD) सहित सभी संबंधित अंचलों के अंचल अधिकारी (CO), विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता मुख्य रूप से उपस्थित थे।






















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