लोहरदगा: उपायुक्त ने दी चेतावनी, ‘नियमित रूप से खुलें आंगनवाड़ी केंद्र, कोताही बर्दाश्त नहीं’
लोहरदगा। उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने सोमवार को जिला समाज कल्याण विभाग, सामाजिक सुरक्षा कोषांग और मिशन वात्सल्य कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की। समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन नियमित होना चाहिए और उनकी उपस्थिति से लेकर पोषण संबंधी हर डेटा ‘पोषण ट्रैकर ऐप’ पर 100% दर्ज होना अनिवार्य है।
डिजिटल मॉनिटरिंग और आधारभूत संरचना पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में फेशियल रिकॉगनाइजेशन, टीएचआर (THR), और बच्चों की शारीरिक मापी जैसे इंडिकेटर्स की एंट्री में कोई लापरवाही न हो। उन्होंने सभी सीडीपीओ (CDPO) को निर्देश दिया कि:
जिले के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करें।
जर्जर भवनों में चल रहे केंद्रों को मानसून शुरू होने से पहले नजदीकी प्राथमिक विद्यालयों में को-लोकेट (शिफ्ट) करें।
किराये के भवनों के लिए अंचल अधिकारी के समन्वय से नई भूमि चिन्हित करें।
अतिकुपोषित बच्चों के लिए ‘समर’ अभियान
कुपोषण के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी ने निर्देश दिया कि अतिकुपोषित बच्चों को तत्काल MTC (कुपोषण उपचार केंद्र) में भर्ती कराया जाए। जो बच्चे भर्ती नहीं हो पा रहे हैं, उनका कम्युनिटी लेवल पर इलाज सुनिश्चित हो। महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया गया है कि वे ‘समर’ कार्यक्रम के तहत ऐसे बच्चों की डेली रिपोर्टिंग करें।
पेंशन और डिजिटल सर्टिफिकेट के लिए डेडलाइन
सामाजिक सुरक्षा की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को 20 मई 2026 तक केंद्र प्रायोजित पेंशन योजनाओं के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि पेंशन का कोई भी आवेदन ब्लॉक स्तर पर लंबित नहीं रहना चाहिए; पात्र व्यक्तियों को तुरंत लाभ मिलना चाहिए।
APAAR आईडी और बच्चों का आधार
शिक्षा और पहचान को सुगम बनाने के लिए उपायुक्त ने आंगनवाड़ी के बच्चों की APAAR ID जेनरेट करने के निर्देश दिए। जिन बच्चों का आधार कार्ड अब तक नहीं बना है, उनके लिए डाक विभाग के साथ समन्वय कर विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
मिशन वात्सल्य और अन्य योजनाएं
बैठक में ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के 100% सत्यापन और ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के लक्ष्यों को एक माह में पूरा करने का टास्क दिया गया। साथ ही, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति में लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को दिए गए।
बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित:
बैठक में ITDA परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, सामाजिक सुरक्षा सहायक निदेशक प्रमोद दास, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी बीरेंद्र कुमार, सभी BDO, CDPO और महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित थीं।





















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