पूरे जिले में खेतों में बिछी बर्बादी की चादर; लागत निकालना भी हुआ मुश्किल, सब्जियों के दाम आसमान पर, किसानों ने सरकार से लगाई मुआवजे की गुहार
📍 कान्हाचट्टी (चतरा) | न्यूज़ स्केल लाइव
चतरा जिले के कान्हाचट्टी प्रखंड समेत आसपास के क्षेत्रों में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने अन्नदाताओं पर कहर बरपा दिया है। विगत दिनों हुई बेमौसम बारिश और भारी ओलावृष्टि ने किसानों की पूरी तरह से कमर तोड़ कर रख दी है। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच कड़ी मेहनत से अपनी फसलों को सींचने वाले किसानों की उम्मीदें बारिश के पानी में बह गई हैं।
खेतों में बिछ गई बर्बादी, लागत निकालना भी हुआ मुहाल किसानों ने इस बार अच्छी पैदावार की बड़ी आस लगाकर खेती में भारी निवेश किया था। लेकिन कुदरत की इस अचानक हुई मार ने खेतों में लहलहाती हरी-भरी सब्जियों और अन्य फसलों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। स्थिति इतनी भयावह है कि अब किसानों के लिए अपनी फसल की लागत (मूलधन) निकाल पाना भी बेहद मुश्किल हो गया है। खून-पसीने की कमाई आंखों के सामने बर्बाद होते देख किसानों के परिवारों में मायूसी छा गई है।
बाजारों में सब्जियों के दाम में लगी आग, किचन पर सीधा असर किसानों की इस बर्बादी का सीधा और त्वरित असर अब जिले के विभिन्न बाजारों में भी दिखने लगा है। स्थानीय स्तर पर खेतों में फसल बर्बाद होने के कारण मंडियों में सब्जियों की भारी किल्लत हो गई है। महज चार दिनों के भीतर ही बाहर से मंगाई जा रही सब्जियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि दर्ज की गई है। सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और इस महंगाई की सबसे बड़ी मार सीधे तौर पर रसोई के बजट पर पड़ रही है। भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे कान्हाचट्टी और जिले के अन्य प्रभावित किसानों ने अब राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। किसानों की मांग है कि कृषि विभाग की टीम जल्द से जल्द खेतों का सर्वे कर नुकसान का जायजा ले और पीड़ित किसानों को अविलंब उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस भारी सदमे और कर्ज के बोझ से उबर सकें।
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