AMB-NDD 2026 की जिला समन्वय समिति की बैठक संपन्न; 18 मई को चलेगा मॉप-अप राउंड, कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे- उप विकास आयुक्त
📍 चतरा | न्यूज स्केल लाइव
जिले के बच्चों को कृमि संक्रमण और एनीमिया जैसी बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त (DDC) अमरेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक AMB–NDD 2026 (राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस) से संबंधित अंतर्विभागीय जिला समन्वय समिति की थी, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण सहित कई अन्य विभागों के पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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15 मई को अभियान, 18 मई को मॉप-अप राउंड बैठक के दौरान आगामी ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस’ (NDD) कार्यक्रम की तैयारियों और इसके सफल संचालन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। DDC अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 15 मई 2026 को आयोजित होने वाले कृमि मुक्त दिवस और छूटे हुए बच्चों के लिए 18 मई 2026 को होने वाले ‘मॉप-अप दिवस’ का शत-प्रतिशत सफल संचालन सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के तहत 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जानी है।
अंतिम छोर तक दवा और प्रचार सामग्री पहुंचाने पर जोर बैठक में संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सभी सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एल्बेंडाजोल की दवा और IEC (जागरूकता) सामग्री समय पर उपलब्ध करा दी जाए। उप विकास आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया कि इस अभियान को लेकर व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता फैलाई जाए। इसमें जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहियाओं और शिक्षकों की अहम भूमिका और सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि जिले के जिन चिन्हित फोकल क्षेत्रों में MDA (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) राउंड संचालित है, वहां ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस’ का यह कार्यक्रम नहीं चलाया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति न बने।
ग्रीष्मावकाश से पूर्व रिपोर्टिंग का निर्देश DDC ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण से जुड़ा यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जिम्मेदारी से काम करें। साथ ही निर्देश दिया गया कि विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (गर्मी की छुट्टी) शुरू होने से पूर्व ही इस कार्यक्रम से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन (रिपोर्ट) समय पर जमा कर दी जाए।




















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