जेपी सेतु चेकपोस्ट पर रविवार शाम पुलिसिया बदसलूकी का मामला, दीघा थाने में शिकायत दर्ज, जांच जारी।
सरकार बिहार पुलिस को ‘पीपुल्स फ्रेंडली’ बनने की नसीहत देती है, लेकिन पटना की सड़कों पर खाकीधारी अक्सर दबंगई का चेहरा दिखाते हैं। रविवार शाम जेपी सेतु चेकपोस्ट के पास एक ऐसी घटना घटी जिसने पुलिस की अमानवीयता को उजागर कर दिया।
एनएमसीएच के डॉक्टर बीएन चतुर्वेदी और उनके चालक राजकुमार छपरा से पटना लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस ने बड़े वाहनों को गलत दिशा से निकालने के लिए रास्ता बनाया और डॉक्टर की कार को पीछे करने को कहा। जगह की कमी के कारण चालक कार पीछे नहीं कर सका। इस पर ट्रैफिक जमादार उपेंद्र साह गुस्से में आ गए और चालक को कार का शीशा खोलकर पीटना शुरू कर दिया। जब डॉक्टर ने विरोध किया, तो उन्हें कॉलर पकड़कर सड़क पर घसीटा गया और आधे घंटे तक गालियां दी गईं।
इस मारपीट में चालक का नाक फट गया और डॉक्टर को भी चोटें आईं। पीड़ित चालक ने दीघा थाने में आवेदन देकर ट्रैफिक पुलिस पर अवैध वसूली और मारपीट का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जेपी सेतु पर बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, फिर भी पुलिसकर्मी अवैध रूप से ट्रकों को पार कराते हैं, जिससे अक्सर जाम और विवाद की स्थिति बनती है।
दीघा थानेदार ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना पटना पुलिस की कार्यप्रणाली और जनता के प्रति उनके रवैये पर गंभीर सवाल खड़े करती है।






















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