लोहरदगा, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर झारखंड राज्य दफादार-चौकीदार पंचायत शाखा लोहरदगा जिला कमेटी की ओर से गुरुवार को समाहरणालय परिसर के सामने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष समसुल अंसारी ने की, जबकि संचालन जिला सचिव मिथलेश यादव ने किया।
धरना के दौरान वक्ताओं ने अपनी मुख्य मांगों को रखते हुए कहा कि सेन्हा थाना के चौकीदार बुधवा उरांव के साथ तत्कालीन थाना प्रभारी वारिस हुसैन द्वारा कथित रूप से मारपीट, गाली-गलौज और सार्वजनिक तौर पर अपमानित किए जाने की घटना गंभीर है। इस मामले में दोषी अधिकारी पर तत्काल प्रभाव से निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।
संगठन का कहना है कि इस संबंध में पीड़ित बुधवा उरांव ने 12 अक्टूबर 2025 को अनुसूचित जाति/जनजाति थाना लोहरदगा में लिखित शिकायत दी थी और 14 अक्टूबर को इसकी रिसीविंग भी दे दी गई थी। लेकिन अब तक अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इसे लापरवाही करार देते हुए संबंधित थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
धरना में यह भी आरोप लगाया गया कि तत्कालीन थाना प्रभारी ने कई चौकीदारों पर मनगढ़ंत और झूठे आरोप लगाए हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन आरोपों को वापस नहीं लिया गया, तो पूरे जिले के चौकीदार-दफादार बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे।



















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