टंडवा (चतरा)। टंउव प्रखंड क्षेत्र में पिछले डेढ़ दशक से प्रस्तावित वृंदा-सिसई कोल परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। इस परियोजना के टेंडर धारक डालमिया कंपनी की गतिविधियां इन दिनों तेजी से बढ़ी बताई जा रही हैं। गुरुवार को कटाही-मिश्रोल गांव में तीन वाहनों से पहुंचे कंपनी के कई कर्मियों ने स्थल निरीक्षण किया। ग्रामीणों के अनुसार, उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं और जब लोगों ने पूछताछ की तो सभी अपनी पहचान छिपाने लगे। बाद में कड़ाई से पूछे जाने पर उन्होंने डालमिया कंपनी के कर्मचारी होने की बात स्वीकार की। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2010 से 2013 के बीच इसी परियोजना के पूर्व टेंडर धारक अभिजीत इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने भू-रैयतों को झांसा देकर कौड़ी के भाव में जमीन अधिग्रहित की, कई चेक बाउंस हुए, फिर भी अधिकारियों से मिलकर जमाबंदी करा लिया था। इन घटनाओं की पीड़ा आज भी ग्रामीणों के मन में ताज़ा है। केदार महतो ने कहा कि कंपनी की गुपचुप गतिविधियां चिंताजनक हैं, जबकि पवन उरांव ने स्पष्ट कहा कि बिचौलियों और कंपनी प्रबंधन के किसी भी गलत मंसूबे को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि डालमिया कंपनी द्वारा अपनाई जा रही गुप्त गतिविधियों की जांच की जाए, परियोजना क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और भू-रैयतों के अधिकारों की रक्षा की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो बड़े स्तर पर विरोध की स्थिति बन सकती है।
वृंदा-सिसई कोल परियोजना में डालमिया कंपनी की गुपचुप गतिविधियाँ तेज, ग्रामीणों में बढ़ी नाराज़गी

On: November 21, 2025 8:11 PM

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