रिपोर्ट: News Scale LIVE – ब्यूरो पारस कुमार इंद्र गुरु/लोहरदगा। सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर, लोहरदगा में आज, सोमवार दिनांक 17 नवंबर 2025 को, महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में ‘अंतर्राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। यह दिवस जनजातीय समुदाय के योगदान और शौर्य को समर्पित है।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। विद्यालय परिवार ने श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन किया क्योंकि वे सनातन संस्कृति के संवाहक थे धरती आबा बिरसा मुंडा* जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में अग्निहोत्र कार्यक्रम का आयोजन किया गया*
विद्यालय के आचार्य श्री अशोक सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनका जन्म खूंटी जिला के उल्लिहातु नामक गांव में एक गरीब जनजातीय परिवार में हुआ था। “बिरसा मुंडा बचपन से ही निर्भीक स्वभाव के थे और बड़े होकर उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपनी अहम भूमिका निभाई।”

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुरेश चंद्र पांडे ने अपने उद्बोधन में भारत की आजादी में जनजातीय क्षेत्रों के वीर योद्धाओं के अद्वितीय योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “इन वीर सपूतों ने न केवल देश को स्वतंत्र कराने में सहयोग किया, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृतियों को सुरक्षित रखने का भी महान कार्य किया है।” उन्होंने नीलांबर-पीतांबर, ताना भगत, सिधु-कान्हू जैसे अनेक वीर जनजातीय नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानाचार्य ने आगे बताया कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में उनके चित्र का सिक्का और डाक टिकट जारी किया है। अब भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिन केवल झारखंड में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में गर्व और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य बंधु भगिनी और भैया बहन उपस्थित रहे।



















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