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उपायुक्त ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, कहा आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता

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चतरा। उपायुक्त कीर्तिश्री जी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिविल सर्जन, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, नीति आयोग से जुड़े फेलो, डीपीएम, डीएएम, डीपीसी (टीबी), बीपीएम, स्वास्थ्य केंद्रों के प्रतिनिधि एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जिले के आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उपायुक्त ने  उन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जहां आयुष्मान मित्र तैनात नहीं हैं, वहां जेएसएसपीएस के 9 कर्मियों को आयुष्मान मित्र के रूप में कार्य करने का निर्देश दिया। टंडवा, सिमरिया तथा सदर अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से अपेक्षाकृत कम राशि जनरेट करने पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को आयुष्मान भारत योजना के तहत एमटीसी केंद्रों में सभी कुपोषित बच्चों का उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया कि डॉ. कात्यायनी सोमवंशी को तत्काल प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी चतरा का प्रभार सौंपा जाय। साथ ही डाटा एंट्री करने वाले वर्तमान डाटा ऑपरेटर को हटाकर नए ऑपरेटर की नियुक्ति करने और एचएमआईएस के प्रभावी संचालन हेतु प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीडीएम को सभी एंपेनल्ड नर्सिंग होम की आईडी क्रिएट कर प्रशिक्षण देने, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को ण्मटीसी की बेड ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत सुनिश्चित करने को कहा गया। आरबीएसके टीम को स्कूल स्क्रीनिंग डाटा प्रखंडवार संधारित करने और जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए गए। हाइड्रोसील ऑपरेशन को कैंप मोड में संपन्न कराने का निर्देश प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया गया। हंटरगंज में डेंगू सैंपल नहीं भेजे जाने पर कारण पूछा गया और सभी स्वास्थ्य केंद्रों को प्रत्येक माह 350 डेंगू सैंपल डीपीएसएल लैब, सदर अस्पताल चतरा भेजने का निर्देश दिया गया। साथ ही 10 नवंबर से 26 नवंबर तक चलने वाले कुष्ठ खोजी अभियान को लेकर जिला समन्वय समिति की समीक्षा की गई। बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उपायुक्त ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को पूरी जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। समयबद्ध कार्रवाई और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही बेहतर स्वास्थ्य सेवा की कुंजी है।

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