कुंदा(चतरा)। जिले के कुंदा प्रखंड अंतर्गत कुंदा-नवादा कालीकरण मुख्य सड़क विभागीय उदासीनता व संवेदक के लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। उक्त सड़क को के मरम्मत हेतु लगभग ढाई वर्ष पूर्व प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। लेकिन विभागीय उदासीनता व संवेदक की मनमानी के कारण आज भी यह रोड जर्जर अवस्था में स्थिर पड़ा है। जबकि प्रतिदिन लगभग सैकड़ो वाहनों का आवागमन उक्त सड़क से होता है। यह सड़क नवादा पंचायत को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने के साथ लगभग दर्जनों गांव के ग्रामीण विषम परिस्थितियों में इसी सड़क से होते हुए जिला मुख्यालय व सदर अस्पताल पहुंचते हैं। ज्ञात हो की उक्त जर्जर कालीकरण सड़क के मरम्मत का कार्य नीलम कंस्ट्रक्शन के ठीकेदार गणेश प्रसाद द्वारा किया जाना है। हालांकि कोई भी स्थानीय जनप्रतिनिधि उक्त सड़क को बनवाने में अपनी सक्रियता नहीं दिख रहे हैं। जिसके कारण विभाग व संवेदक दोनों ही गहरी नींद में सोए हुए हैं। जबकि जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के बीच विकास के बड़े-बड़े दावे करने से नहीं चुकते। वही ग्रामीणों ने उपायुक्त से एक बार पुनः जर्जर कालीकरण सड़क मरम्मत कार्य चालू कराने का निवेदन किया है। वहीं नवादा मुखिया भरत यादव ने कहां है की संवेदक के लापरवाही के कारण नवादा पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण जान जोखी में डालकर उक्त सड़क से प्रखंड मुख्यालय पहुंच रहे हैं। कुंदा मुखिया मनोज साहू का कहना है कि यदि संवेदक द्वारा जल्द कार्य चालू नहीं किया जाता है तो जनता विभाग व संवेदक के प्रति उग्रप्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
विभागीय उदासीनता का दंश झेलता कुंदा-नवादा जर्ज़र कलिकारण सड़क, टेंडर होने के ढाई वर्ष बाद भी नहीं लगा काम, स्थानीय जनप्रतिनिधि नहीं दिखा रहे हैं रुचि

On: September 24, 2025 10:12 PM

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